Delhi: भारत और बांग्लादेश सीमा बलों के बीच नई 'हॉटलाइन' शुरू करने पर सहमति
Delhi: भारत और बांग्लादेश ने अपने-अपने सीमा सुरक्षा बलों के उप कमांडरों के बीच एक नया कम्यूनिकेशन लिंक स्थापित करने का फैसला किया है, साथ ही अपनी साझा सीमा पर बाड़ लगाने के लिए करीब 99 नए पैच की पहचान की है। पीटीआई के मुताबिक, गुरुवार 21 फरवरी को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच द्विवार्षिक महानिदेशक स्तर की वार्ता के दौरान इन फैसलों को अंतिम रूप दिया गया है।
पिछले साल 5 अगस्त को बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार गिरने के बाद यह पहली बार था जब दोनों बलों के बीच उच्च स्तरीय सैन्य बैठक हुई। सूत्रों ने कहा कि 18 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित तीन दिवसीय वार्ता शांति और सौहार्दपूर्ण समपन्न हुई।

इस वार्ता में भारतीय पक्ष अपने पड़ोसी बांग्लादेश को 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा के शेष क्षेत्रों पर बाड़ लगाने पर सहमत करने में सफल रहा जो पूर्वोत्तर भारत के पांच राज्यों में फैली हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इसके कुल 864.48 किलोमीटर की सीमा पर बाड़ नहीं लगी है, जिसमें 174.51 किलोमीटर की गहरी खाई भी शामिल है।
दोनो बॉर्डर के पास हॉटलाइन खोलने का फैसला
दोनों पक्षों ने डीजी स्तर की वार्ता के बाद संचार के लिए एक नई "हॉटलाइन" खोलने का फैसला किया है। सूत्रों ने कहा कि यह संपर्क कोलकाता स्थित बीएसएफ पूर्वी कमान के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) और ढाका में सैन्य बल के मुख्यालय में तैनात उनके बीजीबी समकक्ष के बीच होगा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच जुड़ाव को बढ़ाना आवश्यक और महत्वपूर्ण महसूस किया गया और इसलिए कमांडरों की बातचीत के लिए इस नए मंच पर सहमति बनी और इसे पहली बार आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल किया गया।
वर्तमान में, दोनों बल प्रमुखों और महानिरीक्षक (बीजीबी के लिए क्षेत्रीय कमांडर), उप महानिरीक्षक (बीजीबी के लिए सेक्टर कमांडर) और अन्य क्षेत्र-स्तरीय अधिकारियों के बीच "हॉटलाइन" या संचार लिंक मौजूद हैं। इन संचार लाइनों का उपयोग वास्तविक समय की जानकारी और खुफिया जानकारी देने के लिए किया जाता है ताकि सीमा से संबंधित मुद्दों और सीमा पार अपराधों की घटनाओं पर तुरंत अंकुश लगाया जा सके।
सीमा की सुरक्षा के लिए प्रभावि कदम: महानिदेशक बीएसएफ
महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी की अध्यक्षता में बीएसएफ प्रतिनिधिमंडल ने बीजीबी से यह सुनिश्चित करने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाने को भी कहा। ताकि बांग्लादेशी अपराधी हमारी सुरक्षा को तोड़ने और बीएसएफ कर्मियों या भारतीय नागरिकों पर हमला करने के लिए सीमा पार ना कर सके।
सूत्रों ने कहा कि बीएसएफ सैनिकों और भारतीय आबादी पर हमलों के अलावा, आधिकारिक रिकॉर्ड में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि सैनिकों से गलत व्यवहार के मामलों से बीएसएफ बल सख्ती से निपटेगा। वहीं, बीजीबी प्रतिनिधिमंडल अपने महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफज्जमां सिद्दीकी के नेतृत्व में सीमा प्रोटोकॉल की संयुक्त गश्त को और मजबूत करने और रात के समय चौकसी बढ़ाने का वादा किया है।
दोनों देशों के बीच लगेंगे बाड़े
सूत्रों के अनुसार, बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि लगभग 99 पैच पर बाड़ लगाने या एसआरएफ बनाने का काम शुरू किया जाना चाहिए, जो सीमा के लगभग 70-72 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगा। बता दें कि,92 पैच पर बाड़ लगाने का काम पहले से ही चल रहा है, जो सीमा के लगभग 95.8 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करता है। दौरे पर आए बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को ढाका के लिए रवाना हुआ और वार्ता का अगला दौर जुलाई में पड़ोसी देश में आयोजित किया जाना है।
(इनपुट-पीटीआई)












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