दिल्ली: MCD डॉक्टरों की सैलरी मामले पर हाई कोर्ट शुक्रवार को करेगा सुनवाई
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, इस बीच दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अस्पतालों में मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है। डॉक्टरों ने सैलरी न मिलने की सूरत में सामूहिक इस्तीफा देने की भी चेतावनी दी है। मामला हाई कोर्ट पहुंचने के बाद अब शुक्रवार को इस पर सुनवाई की जाएगी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी अस्पतालों में MCD के डॉक्टरों को वेतन का भुगतान नहीं करने से संबंधित रिपोर्ट का संज्ञान लिया है और इस मामले पर सुनवाई भी करेगा।

पहले दिल्ली के कस्तूरबा अस्पताल के बाद अब हिंदूराव अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टरों ने भी सैलरी नहीं मिलने का दावा किया है, उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही चलता रहा तो वह काम बंद कर देंगे। डॉक्टरों का कहना है कि पिछले 4 महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है। इस सिलसिले में डॉक्टरों ने हिंदूराव अस्पताल के MS को पत्र लिखकर चेताया भी है। इसमें कहा गया है कि अगर 18 जून तक डॉक्टरों को सैलरी नहीं दी गई तो वह काम बंद कर देंगे। वहीं कस्तूरबा अस्पताल के डॉक्टर एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले तीन महीने से सैलरी नहीं मिली है। उनके सामने आर्थिक मुश्किल खड़ी हो रही है।
इस्तीफा देने की चेतावनी
डॉक्टर्स एसोएसोसिएशन ने पत्र जारी कर चेतावनी दी है कि यदि 16 जून तक वेतन नहीं मिला तो वो सामूहिक इस्तीफा देंगे। कस्तूरबा अस्पताल के डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ सुनील प्रसाद ने कहा कि बिना वेतन के काम करना मुश्किल है। आए दिन उन्हें सैलरी न मिलने की वजह से मुश्किल का सामना करना पड़ता है। वो लोग काफी समय से वेतन की मांग कर रहे हैं, लेकिन निगम ने फंड की कमी का हवाला देकर तीन महीने की सैलरी रोक रखी है। उन्होंने कहा कि अगर हमें 16 जून तक वेतन नहीं मिला तो बड़े स्तर पर डॉक्टर्स इस्तीफा देंगे।
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