चिदंबरम मामला: दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में कॉपी-पेस्ट, सुप्रीम कोर्ट में हो सकती है चर्चा

नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया मामले में राहत के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम सोमवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंच सकते हैं। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था। बताया जा रहा है कि अब कोर्ट के आदेश में कई तरह की गलतियां पाई गई हैं। जिसके चलते ये आदेश सुर्खियों में आ गया है।

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पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम विवादित आईएनएक्स मीडिया मामले में करीब दो महीने से तिहाड़ जेल में बंद हैं। उनपर आरोप है कि उन्होंने उस वक्त वित्त मंत्री रहते हुए रिश्वत लेकर आईएनएक्स मीडिया हाउस को 305 करोड़ रुपये का फंड लेने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी दिलाई थी। 15 नवंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दलीलों को स्वीकार किया था।

अब बताया जा रहा है कि 41 पेज के इस आदेश में किसी अन्य मामले के तथ्यों को कॉपी-पेस्ट किया गया है। जानकारी के मुताबिक जो तथ्य पेस्ट किए गए हैं, वह रोहित टंडन मामले के हैं। तथ्यों के अनुसार टंडन को भी जमानत नहीं मिली थी। जो इस फैसले में लिखा गया था, वही सब चिदंबरम की जमानत खारिज करते हुए भी लिखा गया है। ये आदेश वेबसाइट पर अपलोड किया गया था, जिसके बाद से इसपर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इसके अलावा चिदंबरम के बेटे कार्ती चिदंबरम ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने अखबार की एक खबर की तस्वीर पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा है, 'कट, कॉपी, पेस्ट।' इस मामले में चिदंबरम का केस लड़ रहे वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि वह इस मुद्दे को तब उठाएंगे, जब ये सुप्रीम कोर्ट में पहुंचेगा। बताया जा रहा है कि आदेश में पैरा 35 बिल्कुल टंडन के मामले में आए आदेश के जैसा ही है।

इससे पहले कॉपी पेस्ट का मामला शुक्रवार को कर्नाटक कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार के मामले में भी सामने आया था। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को लताड़ा भी था। सुनवाई के दौरान जस्टिस आरएफ नरीमन ने नोट किया था कि ईडी ने इस याचिका को पी चिदंबरम वाली जमानत याचिका से कॉपी पेस्ट किया है। शिवकुमार के खिलाफ दायर इस याचिका में उन्हें पूर्व गृह मंत्री कहकर संबोधित किया गया है। जबकि पूर्व गृह मंत्री तो पी चिदंबरम हैं। इस कॉपी पेस्ट वाली गलती को पकड़ते हुए जस्टिस नरीमन ने कहा था, 'यह नागरिकों के साथ व्यवहार करने का कोई तरीका नहीं है।'

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत दी है। उनकी जमानत के खिलाफ दायर ईडी की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। हालांकि माना ये भी जा रहा है कि हो सकता है टंडन के तथ्य को इसमें रेफरेंस के तौर पर शामिल किया गया हो।

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