2G Scam: DMK नेता ए राजा, कनिमोझी की बढ़ी मुश्किलें, CBI की अपील को दिल्ली हाई कोर्ट ने किया स्वीकार
2G Spectrum Scam: 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री और वर्तमान लोकसभा सांसद ए राजा और डीएमके नेता कनिमोझी सहित अन्य आरोपियों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। इन सभी को बरी करने के फैसले को चुनौती देने वाली केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अपील शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वीकार कर ली।
इससे पहले साल 2017 के दिसंबर में एक विशेष अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। बाद में साल 2018 में सीबीआई ने विशेष अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी थी। अब उस मामले में कोर्ट ने अपना फैसला दिया है। बरी करने के आदेश को चुनौती देने के लिए सीबीआई द्वारा अदालत का रुख करने के लगभग 6 साल बाद इस मामले में फैसला आया।
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न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा ने सीबीआई द्वारा दायर अपील पर यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने 14 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा, "अपील की इजाजत दी जाती है।"
अदालत ने कहा, "रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री, आक्षेपित निर्णय और दोनों पक्षों द्वारा बार में दी गई दलीलों को देखने के बाद इस अदालत की राय है कि प्रथम दृष्टया यह निष्कर्ष निकाला गया है कि पूरे साक्ष्य की गहन जांच की आवश्यकता है।"
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मामले में पहली सुनवाई 21 मार्च, 2018 को हाई कोर्ट के समक्ष हुई। अब तक विभिन्न न्यायाधीशों के समक्ष कुल 125 सुनवाई हुई है। सीबीआई का मानना था कि मामले में सभी आरोपियों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश में "घोर अवैधताएं" थीं। वरिष्ठ अधिवक्ता संजय जैन (वरिष्ठ विशेष लोक अभियोजक) सीबीआई की ओर से पेश हुए।
21 दिसंबर, 2017 को यहां की एक विशेष अदालत ने 1.76 लाख करोड़ के 2जी घोटाले मामले में ए राजा, डीएमके सांसद कनिमोझी और अन्य को कथित रुपये से उत्पन्न विभिन्न अपराधों से बरी कर दिया था।
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