जामिया हिंसा: छात्रों की रिहाई याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को होगी सुनवाई
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर रविवार को राजधानी में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के तीन छात्रों को हिरासत में ले लिया था। इन छात्रों ने अपनी रिहाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिस पर न्यायालय गुरुवार को सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोर्ट लंच के बाद छात्रों की याचिका पर फैसला दे सकती है। न्यायमूर्ति विभु बारूख इस मामले की सुनवाई करेंगे।

गौरतलब है कि बीते रविवार जामिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर हिंसक विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान कथित रूप से गोली चलाने और पुलिस पर पत्थर बाजी करने के आरोप में जामिया के तीन छात्रों को हिरासत में लिया गया था। याचिका अधिवक्ता रिजवान ने मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ के समक्ष छात्रों पर लगे आरोपों की जांच करने की अपील की है। जिस पर दिल्ली उच्च न्यायालय गुरुवार को सुनवाई करेगा।
याचिका में हाईकोर्ट से अपील की गई है कि घायल छात्रों को उचित इलाज और मुआवजा दिए जाने की बात भी कही गई है। अधिकारियों ने बताया कि नागिरकता कानून के विरोध ने दिल्ली के न्यू फ्रेड्स कॉलोनी में जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौराना उपद्रवियों ने तीन डीटीसी बसों को आग के हवाले कर दिया और पुलिस पर पत्थरबाजी भी की। इस घटना में जामिया के छात्र समेत छह पुलिसकर्मी और 2 दमकलकर्मी भी घायल हो गए थे। वहीं हिंसा के बाद छात्र संघ ने दावा किया कि इस प्रदर्शन में तोड़फोड़ और आगजनी से छात्रों का कोई लेनादेना नहीं है। प्रदर्शन में गड़बड़ी के लिए कुछ तत्व इसमें शामिल हो गए थे।
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