दिल्ली: देर से स्कूल आने वाले शिक्षकों की खैर नहीं, 10 मिनट की देरी को माना जाएगा कैजुअल लीव
नई दिल्ली। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में मौज करने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं है। लेबर डिपार्टमेंट ने एक व्हिप जारी करते हुए कहा है शिक्षकों से कहा है कि अगर वे वे समय पर स्कूल नहीं पहुंचते हैं तो उनकी कैजुअल लीव लग जाएगी। लेबर विभाग ने अपने सर्कुलर में कहा है कि शिक्षकों को केवल 10 मिनट तक का अतिरिक्त समय दिया जा रहा है कि अगरे वो इससे भी लेट स्कूल पहुंचे तो उसे कैजुअल लीव माना जाएगा।

जल्दी जाने पर भी लागू होगा यह नियम
यही नहीं लेबर डिपार्टमेंट के सर्कुलर के अनुसार देर से आने पर ही नहीं बल्कि समय से जल्दी जाने पर भी कैजुअल लीव लगेगा। मतलब अगर आप जल्दी स्कूल छोड़ते हो तो भी आपका छुट्टी ही माना जाएगा। दरअसल सर्कुलर जारी करने से पहले लेबर डिपार्टमेंट को ऐसी शिकायत थी जिसके बाद उसने ग्राउंड पर जाकर इसकी जांच की तो पता चला कि कुछ अध्यपक ऐसे हैं जो देर से स्कूल पहुंचने के बावजूद वे जल्दी निकल जाते थे।

पहले लेट होने पर लग जाता था हाफ डे
हालांकि इससे पहले यह व्यवस्था थी कि अगर शिक्षक को स्कूल पहुंचने में लेट होता है तो वो हाफ डे माना जाता था लेकिन अब लेबर डिपार्टमेंट ने साफ कर दिया है कि नहीं, अब अगर आप 10 मिनट की देरी से भी स्कूल पहुंचेंगे तो आपका कैजुअल लीव में काउंट होगा। इसके अलावा डिपार्टमेंट ने स्कूल के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वो शिक्षकों पर नजर रखें।

रजिस्टर और बायोमैट्रिक चेक करने के निर्देश
बता दें कि स्कूलों में शिक्षकों के अटेंडेंस के लिए रजिस्टर में एंट्री के अलावा बायोमैट्रिक की भी सुविधा है। ऐसे में अगर अध्यापक देरी से स्कूल पहुंचता है तो बायोमैट्रिक करने के बाद उसकी एंट्री एक तरह से ऑनलाइन हो जाती है। जिससे दूर बैठे अधिकारी को भी पता चल जाएगा कि स्कूल का कौन सा शिक्षक देरी से पहुंचा है या फिर जल्दी स्कूल से निकल गया।












Click it and Unblock the Notifications