Yamuna River: दिल्ली में यमराज की बहन 'यमी' का उत्पात, जानिए यमुना से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें
All About Yamuna River in Hindi: देश की राजधानी दिल्ली में इस वक्त यमुना नदी की वजह से बाढ़ आ गई है। शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिसके कारण इस एरिया में रह रहे लोगों को अपना घर छोड़कर जाना पड़ा है। सरकार की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम लगातार जारी है तो वहीं प्रभावित इलाकों के सभी सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया गया है।

केवल दिल्ली में ही नहीं बल्कि हरियाणा में भी यमुना ने रौद्र रूप धारण किया हुआ है और इस वजह से इस राज्य के भी कई इलाके बाढ़ की चपेट में है। फिलहाल लोग ऊपर वाले से अब दुआ मांग रहे हैं कि अब वो बारिश बंद कर दे जिससे यमुना का उफान कम हो और एक बार फिर से सबकुछ नार्मल हो जाए।
आपको बता दें कि हमारे देश भारत में नदियों और पेड़ों की पूजा की जाती है। प्रकृति की पूजा करने वाले इस देश में बहुत सारी नदियों को देवी मां का स्थान दिया गया है।
चलिए यमुना मां के उफान के बीच आपको बताते हैं इस नदी से जुड़ी कुछ खास बातें , जिन्हें हर किसी को जानना बहुत ज्यादा जरूरी है।
यमुना को कहीं -कहीं 'जमुना' भी कहते हैं
आपको बता दें कि देश की प्रमुख और बड़ी नदियों में से एक यमुना को कहीं -कहीं 'जमुना' के नाम से भी पुकारा जाता है। कोई इन्हें 'जमुना मईया' कहता है कोई कार्तिक के महीने में यमुना किनारे दीया जलाकर परिवार की सलामती के लिए दुआएं मांगता है।
यमुनोत्री से हुआ यमुना का उद्गम
मालूम हो कि यमुना नदी का उद्गम 'यमुनोत्री' से हुआ है इसलिए चारधाम यात्रा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक भक्त गण 'यमुनोत्री' के दर्शन नहीं करते हैं।
सबसे ऊंची चोटी 'बन्दरपुच्छ'
मालूम हो कि हमारे पौराणिक धर्मग्रंथों में इस नदी से जुड़ी बहुत सारी कहानियां हैं। इसी वजह से ये नदी आस्था की मानक है। हिमालय के जिस स्थान पर इसका उद्गम होता है उसे 'बन्दरपुच्छ' चोटी कहा जाता है, जो कि गढ़वाल एरिया की सबसे ऊंची चोटी है और ये 6500 मीटर ऊंची है।
तीन नदियों का मिलन ही 'संगम'
इस नदी की लंबाई 1,376 किमी है। जो कि उत्तराखंड से निकलकर, दिल्ली , उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्य के बीच बहती है और यूपी के प्रयागराज में ये गंगा और सरस्वती से जाकर मिल जाती है। इन तीन नदियों का मिलन ही 'संगम' कहलाता है।
यमुना नदी हैं यमराज की बहन
'यमुना' शब्द संस्कृत से लिया गया है, जिसका मतलब होता है 'जुड़वा'। इस नदी का वर्णन विस्तार से आपको ऋग्वेद और अथर्ववेद में मिलेगा और इनका संबंध भगवान कृष्ण के जन्म से जु़ड़ा है इसी वजह से ये पावन और पवित्र कहलाती हैं। तो वहीं यमुना नदी को यमराज की बहन कहा जाता है, इसलिए इनका नाम 'यमी' भी है, ये दोनों सूर्य की संतान कहे जाते हैं।
कुछ लोग इन्हें 'काली गंगा' भी कहते हैं
यमुना का रंग गहरा है इसलिए कुछ लोग इन्हें 'काली गंगा' भी पुकारते हैं। इस नदी का पता असित ऋषि ने सबसे पहले लगाया था इसी कारण इनका एक नाम 'असित' भी है।












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