धुंध की चादर में लिपटी दिल्ली, आज भी राजधानी की हवा खराब, लोगों को हो रही है सांस लेने में दिक्कत

नई दिल्ली। राजधानी की आबोहवा दिनों-दिन खराब ही होती जा रही है, आज भी दिल्ली के ITO में वायु गुणवत्ता सूचकांक 254 और पटपड़गंज में 246 दर्ज किया गया है, जो कि खराब श्रेणी में आता है। दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे एनसीआर में एक जैसे हालात नजर आए। बढ़ते वायु प्रदूषण के पीछे पराली और वाहनों का धुएं को इस प्रदूषण का मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि दिल्ली सरकार लगातार प्रदूषण को नियंत्रण करने की कोशिश में लगी हुई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को लागू किया है, जिससे दिल्ली के वायु प्रदूषण को कम किया जा सके।

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     घुंध की चादर में लिपटी दिल्ली, आज भी राजधानी की हवा खराब

    यही नहीं दिल्ली मंत्रिमंडल ने पेड़ों के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण नीति को मंजूरी भी दी है और सरकार कनॉट प्लेस में 'स्मॉग टावर' भी लगवाने जा रही है, बावजूद इसके प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है, सर्दी शुरू होने से पहले दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण लोगों को तंग ही करता जा रहा है, मार्निंग वॉक पर निकले लोगों का भी कहना है कि 'उन्हें सांस लेने में घुटन महसूस हो रही है, हमें साइकिल चलाते समय सांस लेने में बहुत मुश्किल हो जाती है क्योंकि अगस्त की तुलना में अब हवा की गुणवत्ता में बहुत अंतर है।'

    'एंटी स्मॉग गन' का इस्तेमाल

    मालूम हो कि राजधानी में प्रदूषण को कम करने के लिए कंस्ट्रक्शन साइट पर 'एंटी स्मॉग गन' का इस्तेमाल किया जा रहा है तो वहीं राजधानी में सर्दी के मौसम ने दस्तक देनी शुरू कर दी है, पिछले तीन-चार दिनों से दिल्ली-NCR के तापमान में कमी आई है लेकिन पारा गिरने से वायु प्रदूषण भी बढ़ने लगा है और साथ ही धूल और पराली का धुआं भी हवा को प्रदूषित करने में पीछे नहीं है, ऐसे में मौसम विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई क्योंकि अगर दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ा तो ये कोरोना वायरस से जंग लड़ रही राजधानी के अच्छी खबर नहीं होगी, इसलिए प्रदूषण पर अभी से ही रोकथाम की जरूरत है, इसलिए दिल्ली सरकार ने अभी से प्रदूषण रोकने के उपाय में जुट गई है।

    सबको काफी सजग रहने की जरूरत

    बड़ी मात्रा में धूल,ह्यूमिडिटी ज्यादा होने और हवा का बहाव बेहद कम होने के कारण एयर क्वॉलिटी खराब हो गई है, इससे अस्थमा और हार्ट पेशेंट्स में सांस की तकलीफ बढ़ सकती है, इसलिए सबको काफी सजग रहने की जरूरत है।

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