बेंगलुरु ADE के दौरे पर गए रक्षामंत्री ने सिम्युलेटर में बैठकर उड़ाया तेजस, कहा- ये एक अद्भुत अनुभव
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर: इस साल की शुरुआत में मोदी सरकार ने मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत बड़ा फैसला लिया था, जिसके तहत 83 हल्के लड़ाकू विमान तेजस की खरीद की जानी है। इस बीच शुक्रवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बेंगलुरु में वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान (ADE) पहुंचे और वहां चल रही गतिविधियों का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने तेजस एलसीए के सिम्युलेटर में बैठकर उड़ान भरी। रक्षामंत्री ने अपने इस अनुभव को अद्भुत बताया है।

ट्विटर पर राजनाथ सिंह ने एक फोटो शेयर की है, जिसमें वो सिम्युलेटर में बैठे हैं। वहां सामने की स्क्रीन तेजस के HUD, हेड-अप डिस्प्ले से जगमगा रही थी, जिसमें उड़ान की ऊंचाई और अन्य डेटा दिखाया गया। उनके बगल एक प्रशिक्षित पायलट बैठा था, जिन्होंने विमान के नियंत्रण को संभाला। फोटो के साथ रक्षामंत्री ने लिखा कि बेंगलुरू में वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान (एडीई) सुविधा में एलसीए तेजस सिम्युलेटर में उड़ान भरने का अनुभव अद्भुत था।
आपको बता दें कि एडीई के पास अत्याधुनिक यूएपी, लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों आदि की उड़ान प्रणालियों को विकसित करने का जिम्मा है। स्वदेशी विमान तेजस में जो फ्लाइट मैनेजमेंट सिस्टम लगा है, वो यहीं पर विकसित हुआ। रक्षा मंत्री भी वायुसेना के राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने बेंगलुरु गए हैं, जिस वजह से उन्होंने एडीई का भी दौरा किया। पिछले हफ्ते ही राजनाथ सिंह ने कहा था कि सरकार ने 2024 तक रक्षा क्षेत्र में ₹1,75,000 करोड़ के कारोबार का लक्ष्य रखा है, इसमें ₹35,000 करोड़ के मूल्य का निर्यात शामिल है।
10 ट्रेनर विमान की होगी खरीद
फरवरी में मोदी कैबिनेट ने विमानों की खरीद पर एक फैसला लिया था, जिसमें 73 तेजस एलसीए और 10 ट्रेनर विमान (कुल 83) की खरीद को मंजूरी मिली थी। इस सौदे पर कुल 45,696 करोड़ की लागत आएगी। तेजस बेहद हल्का और चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो आसानी से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उड़ान भर सकता है। जिसमें एक सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक स्कैन एरे (एईएसए) रडार, एक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (ईडब्ल्यू) सूट शामिल है। साथ ही ये हवा में ही ईंधन भरने में सक्षम है। इसमें बियॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइल क्षमताएं और हवा से जमीन पर मार करने वाले हथियार भी हैं।












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