भारत में बन रहे उपकरणों का नाम भी आयात की निगेटिव लिस्ट में होने पर रक्षा मंत्रालय ने दिया ये जवाब
नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने रविवार को 101 उपकरणों के आयात पर रोक लगाने का ऐलान किया है। इनमें बड़ी बंदूकों से लेकर मिसाइल तक शामिल हैं। मंत्रालय की ओर से इसे 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत उठाया गया कदम बताया है, जिसका उद्देश्य देश में रक्षा उपकरणों का उत्पादन बढ़ाना है। सोमवार को रक्षा मंत्रालय ने इस फैसले को लेकर कुछ सवालों को जवाब दिए हैं। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि 9 अगस्त को मंत्रालय की ओर से कई उपकरणों के आयात को बैन करने के फैसले के बाद भारत में निर्मित हल्के लड़ाकू विमान एलसीए मार्क 1 ए, पिनाका रॉकेट प्रणाली और आकाश मिसाइल प्रणाली को इस लिस्ट में शामिल करने को लेकर प्रश्न प्राप्त हुए हैं।
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रक्षा मंत्रालय ने कहा, यह साफ किया गया है कि एलसीए एमके 1 ए, पिनाका रॉकेट प्रणाली, आकाश मिसाइल सिस्टम आदि जैसे सिस्टम रक्षात्मक बलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए खास तौर पर विकसित किए जाते हैं। इस तरह के सिस्टम अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उपलब्ध हैं। ऐसे वैपन सिस्टम को आयात के लिए निगेटिव लिस्ट में शामिल किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी रक्षा सेवाएं समान आयातों में शामिल ना हों।
रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यह स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में भारत में पार्ट-इम्पोर्ट कंटेंट के साथ बनाए गए सिस्टम की पहचान कर ऐसे उपकरणों या वस्तुओं की खरीद पर प्रतिबंध लगाना है, जो समान जरूरतों को पूरा करते हैं, लेकिन अक्सर अलग नामकरणों के तहत अनुबंधित होते हैं।
बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घोषणा की है कि रक्षा उत्पादन के मामले में सेना की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के मकसद से रक्षा मंत्रालय 101 से वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाएगा। आयात पर प्रतिबंध 2020 से 2024 के बीच लागू किया जाएगा। इसमें आर्म्ड फोर्सेज, निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग भी शामिल हैं। साथ ही इन 101 उपकरणों में उच्च तकनीक वाले हथियार भी शामिल हैं।












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