सीमा पर भारत अब और मजबूत, रक्षा मंत्री ने सेना को सौंपी AK-203 असॉल्ट राइफल और एंटी पर्सनल माइन 'निपुण'
नई दिल्ली, 16 अगस्त: 'आत्मनिर्भर' भारत अब रक्षा के क्षेत्र में खुद को मजबूत करने में जुटा हुआ है। भारत अब हाईटेक हथियारों से लेकर फाइटर जेट्स खुद बना रहा है, जिसको दुनिया के और देश भी खरीदने में अपनी रुचि दिखा रहे हैं। साथ ही बॉर्डर पर बढ़ती चुनौतियों के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को भारतीय सेना को नई एंटी पर्सोनेल माइन 'निपुण' और एफ-इंसास (F-INSAS) सिस्टम सौंपा। 'निपुण' का निर्माण भारतीय फर्मों द्वारा स्वदेशी रूप से किया गया है। इस मौके पर सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे और लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह भी मौजूद रहे।
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एफ-इंसास सिस्टम की रक्षा मंत्री को दी जानकारी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना को और मजबूत करने के लिए मंगलवार को कई स्वदेशी हथियार सौंपे। कार्यक्रम के दौरान सेना के एफ-इंसास जवान ने राजनाथ सिंह को उनकी नई हथियार प्रणालियों और एके-203 असॉल्ट राइफल सहित अन्य सहायता के बारे में जानकारी दी। बता दें कि AK-203 असॉल्ट राइफलें को अमेठी में भारतीय और रूसी के बीच एक संयुक्त रूप से बनाने की योजना है।

'सेना किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार'
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना को कई स्वदेशी हथियार सौंपे, जिसमें एंटी पर्सोनेल माइन 'निपुण', पैंगोंग झील में संचालन के लिए लैंडिंग क्राफ्ट अटैक, पैदल सेना के लड़ाकू वाहन और कई सिस्टम शामिल हैं। इस दौरान भारतीय सेना के इंजीनियर-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने कहा, "मैं सेना प्रमुख की ओर से आश्वासन देता हूं कि भारतीय सेना किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है चाहे वह पश्चिमी रेगिस्तान हो या लद्दाख सेक्टर में ऊंचाई वाले स्थान।"

7 लाख एंटी पर्सोनेल माइन 'निपुण' दी जाएगी
उन्होंने बताया कि रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई विभिन्न फैसले लिए गए हैं। इन हथियारों में माइंस, आमने सामने लड़ाई के हथियार, इन्फैंट्री के लड़ाकू वाहन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि 7 लाख एंटी पर्सोनेल माइन 'निपुण' जवानों को मुहैया कराई जाएंगी, जो भारतीय प्राइवेट सेक्टर इंडस्ट्री द्वारा निर्मित है।

एके 203 असॉल्ट राइफल की खासियत
भारत की इंसास राइफल को अब एके-203 से रिप्लेस किया जा रहा है। यह इंसास के मुकाबले काफी हल्की, छोटी और हाईटेक है। एके-203 की लेंथ 705 MM है। यह काफी खतरनाक गन है। इसी रेंज800 मीटर तक है और मैगजीन 30 राउंड तक का है। इसे ऑटोमैटिक और सेमी-ऑटोमैटिक दोनों तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि एके 203 में 600 बुलेट प्रति मिनट के हिसाब से फायर किया जा सकता है।












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