Deepotsav 2024: अमावस की रात और भगवान राम के स्वागत में कैसे सज रही Ayodhya? देखें अद्भुत झलक
Deepotsav 2024: अयोध्या में दीपोत्सव का मुख्य आयोजन 31 अक्तूबर को है। इस उत्सव के लिए पूरी रामनगरी में अद्भुत सजावट देखे को मिल रही है। तैयारियां अब अंतिम दौर में हैं। घाटों पर दीये लगाने की व्यवस्था की जा चुकी है। मुख्य आयोजन से पहले रामनगरी में दीपोत्सव को लेकर कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी है। राम मंदिर, रामकथा पार्क, रामकथा संग्रहालय, राम की पैड़ी, लता चौक समेत सभी प्रमुख स्थलों पर रंग बिरंगी लाइटों के साथ आयोजनों का दौर शुरु हो चुका है।
दीपोत्सव का मुख्य उत्सव अयोध्या में 31 अक्तूबर को मानाया जाना है। फिलहाल अभी तीन दिन का पूरा समय है, लेकिन बड़े स्तर पर हो रही तैयारियां भी कुछ कम नहीं हैं। अयोध्या में आठवां दीपोत्सव पिछले सभी सात दीपोत्सवों में बने रिकॉर्ड्स को तोड़ने वाला होगा, ऐसा दावा शासन और प्रशासन स्तर पर किया जा रहा है।

ऐसा दावा इसलिए भी किया जा रहा है, क्योंकि ये पिछले पांच शताब्दियों में ये पहला मौका है, जब अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि में मूल जन्म स्थान पर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में दीपावली का पर्व मनाया जा रहा है। ऐसे में कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिसे देखकर दीपोत्सव 2024 की तैयारियों का कुछ अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है।
यहां देखें तस्वीरें-
राम की पैड़ी पर लगेंगे 28 लाख दीये
छोटी दीपावली के दिन 30 अक्टूबर को 28 लाख दीयों में तेल और बाती लगाकर देर शाम प्रज्ज्वलित करने के साथ एक नया विश्व रिकार्ड कायम करेंगे। राम की पैड़ी के घाटों पर प्रभारी और समन्वयक द्वारा समय-समय पर वालंटियर को दिशा-निर्देश प्रदान किए जा रहे है. दीपोत्सव के विश्व कीर्तिमान के लिए राम मनोहर लोहिया विवि परिसर सहित 14 महाविद्यालय, 37 इण्टर कालेज, 40 एनजीओ के 30 हजार वालंटियर लगाये गए हैं।
सरयू के 55 घाटों पर 30 एमएल दीए के 16 गुणे 16 का एक ब्लाक वालंटियर द्वारा बनाया जा रहा है, जिनमें 256 दीए बिछाये जा रहे है. दीपोत्सव के दिन 30 एमएल दीए में 30 एमएल सरसों को इस्तेमाल किया जायेगा। दीए बिछाने का कार्य 28 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जायेगा. 29 से घाटों पर लगे दीए की गणना की जाएगी। 30 अक्टूबर को घाटों पर लगे दीयों में बाती, तेल डालकर और प्रज्ज्वलन करके विश्व रिकार्ड बनेगा।












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