प्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस और भाजपा में छिड़ी बहस, खड़गे की भूमिका पर उठाए सवाल, देखिए वीडियो
Wayanad By-Election: भारतीय जनता पार्टी एक विवादास्पद वीडियो को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही है। जो कांग्रेस पार्टी और खासतौर पर गांधी परिवार को निशाना बनाता है। कांग्रेस ने इसे गांधी परिवार के प्रति अपमानजनक बताते हुए भाजपा की कड़ी आलोचना की है। खासकर उस वक्त जब प्रियंका गांधी वाड्रा का चुनाव नामांकन दाखिल होने वाला था। कांग्रेस ने इसे सिर्फ व्यक्तिगत हमला नहीं। बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अपमान करार दिया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस पर कड़ा पलटवार करते हुए भाजपा पर राजनीतिक स्तर को गिराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वीडियो में गांधी परिवार और कांग्रेस समर्थकों के प्रति अरुचि और अनादर का प्रदर्शन किया गया है। सुरजेवाला का मानना है कि भाजपा की इस तरह की हरकतें केवल राजनीतिक विभाजन को बढ़ावा देती हैं और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास करती हैं।

इस विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की नामांकन प्रक्रिया चर्चा का विषय बनी हुई है। भाजपा ने इस मौके पर गांधी परिवार और कांग्रेस नेतृत्व को रबर स्टैम्प कहकर विवाद को और बढ़ा दिया। भाजपा का इशारा था कि औपचारिक पदों पर न होने के बावजूद गांधी परिवार कांग्रेस के फैसलों पर प्रभाव डालता है। कांग्रेस ने इसे पूरी तरह से भ्रामक और आपत्तिजनक बताया है।
भाजपा के नेता राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि वीडियो का उद्देश्य गांधी परिवार की कांग्रेस में प्रमुखता को उजागर करना था। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेतृत्व की गतिशीलता को जांचा जाना चाहिए और कांग्रेस की निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में गांधी परिवार की भूमिका एक वैध बहस का मुद्दा है।
Where were you @kharge Saheb ? when first family Priyanka Vadra ji was filing her nomination as Cong candidate for #Wayanad
— Rajeev Chandrasekhar 🇮🇳 (@RajeevRC_X) October 23, 2024
Kept outside - bcoz hes not family.🤮🤬
Self-respect & dignity sacrificed at the altar of arrogance & entitlement of the Sonia family 😡
Just imagine… pic.twitter.com/74Tm0fBbI5
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इस विवाद में अपनी टिप्पणी जोड़ दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि जब खड़गे के नामांकन में गांधी परिवार मौजूद था तो कांग्रेस की नाराजगी का आधार क्या है। उन्होंने पूछा कि गांधी परिवार से कोई वायनाड से चुनाव क्यों नहीं लड़ रहा है। उनके इस बयान ने विवाद को और भड़का दिया और कांग्रेस के भीतर भाई-भतीजावाद के आरोपों को रेखांकित किया।
इस वीडियो को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच का यह विवाद भारतीय राजनीति में गहरे तनाव को दर्शाता है। जहां एक तरफ भाजपा कांग्रेस पर अत्यधिक संवेदनशील होने का आरोप लगाती है। वहीं कांग्रेस इसे जानबूझकर किए गए अपमानजनक हमलों के रूप में देखती है। जो उनके नेतृत्व को कमजोर करने का प्रयास है।
विवाद का अर्थ और भविष्य का संकेत
इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव न केवल व्यक्तिगत आरोपों तक सीमित है। बल्कि देश के राजनीतिक परिदृश्य में भी ध्रुवीकरण की स्थिति को उजागर करता है। भाजपा वंशवादी राजनीति को उजागर करने पर जोर देती है। जबकि कांग्रेस इसे अपमानजनक रणनीति करार देकर अपने प्रतिद्वंद्वियों पर पलटवार करती है।
यह घटना भारतीय लोकतांत्रिक राजनीति की जटिलता को दर्शाती है। जहां नीतिगत चर्चाओं से ज्यादा व्यक्तिगत हमलों पर जोर दिया जाता है।












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