• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Mid day meal में मिली मरी हुई छिपकली, 87 बच्चे बीमार लेकिन खतरे से बाहर

|
Mid-day Meal Case

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मिड डे मील में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। यहां पश्चिम बंगाल के बंकुआ जिले में एक सरकारी स्कूल में मिड डे मील में मरी हुई छिपकली मिली, जिसके बाद स्कूल के 87 बच्चों की तबियत बिगड़ गई। बच्चों को फौरन अस्पताल में भर्ती करवाया गया। फिलहाल सभी बच्चों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मामला शुक्रवार का है, जहां मंडरमणी प्राइमरी स्कूल में बच्चों को लंच टाइम में खाना बांटा गया था, लेकिन खाना खाते ही बच्चों को उल्टियां आने लगी। उनकी तबियत बिगड़ने लगी। तभी किसी बच्चे ने देखा कि प्लेट में मरी हुई छिपकली पड़ी है, जिसे देखकर बच्चे डर गए। फौरन इलाके के मेडिकल ऑफिसर ने सभी बच्चों को अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां सबकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सभी बच्चों को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया है। वहीं स्कूल में मिड डे मिल में हुई इस गड़बड़ी को लेकर जांच की बात कहीं गई है।

हालांकि ये कोई पहला मामला नहीं है, जब मिड डे मील में गड़बड़ी की बात सामने आई है। इससे पहले भी कई बार मिड डे मिल खाकर बच्चों के बीमार होने के मामले सामने आते रहे है। हाल ही में ओडिशा और जमुई में मिड डे मील में मरी हुई छिपकली मिलने के बाद बच्चे बीमार पड़ गए थे।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
A dead lizard found in the meal of a student prompted the staff of a school in West Bengal's Bankura district to take some 87 students to a hospital for health check-up.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more