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Dead Economy: राजीव शुक्ला, मनीष तिवारी और शशि थरूर ने निकाली राहुल गांधी के दावों की हवा!

Dead Economy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत की अर्थव्यवस्था को "डेड" बताए जाने के बाद भारतीय राजनीति में हलचल मच गई। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस टिप्पणी को तुरंत भुनाते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोल दिया। उन्होंने दावा किया कि देश की अर्थव्यवस्था वास्तव में "डेड" (मृत) हो चुकी है, और इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई।

ट्रंप के बयान पर राहुल ने जताई खुशी

ट्रंप के बयान का समर्थन करते हुए, राहुल गांधी ने जोर देकर कहा, "हां, सही है कि भारत की इकोनॉमी डेड हो चुकी है। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को छोड़कर हर कोई यह बात जानता है।" बाद में, संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान, उन्होंने ट्रंप द्वारा "यह तथ्य कहने" पर खुशी भी व्यक्त की। उनके अनुसार, पूरी दुनिया यह मानती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था एक डेड इकोनॉमी है।

Dead Economy

छोटे व्यवसायों को बर्बाद करने का आरोप

राहुल गांधी ने अपनी टिप्पणियों में यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने उद्योगपति अडानी की मदद करने की कोशिश में देश की अर्थव्यवस्था और विदेश नीति को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि "मोदी सरकार ने देश की इकोनॉमिक पॉलिसी को खत्म कर दिया है, हमारी रक्षा नीति, विदेश नीति को भी नष्ट कर दिया है।" राहुल ने प्रधानमंत्री पर केवल एक व्यक्ति, अडानी के लिए काम करने और छोटे व्यवसायों को बर्बाद करने का आरोप लगाया।

अपने ही नेताओं के निशाने पर राहुल गांधी

हालांकि, राहुल गांधी की इस आक्रामक रणनीति को उनके ही दल के वरिष्ठ नेताओं ने कमजोर कर दिया। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी, शशि थरूर और राजीव शुक्ला के बयान राहुल गांधी के रुख से पूरी तरह विपरीत रहे। जहां राहुल ट्रंप के दावे का समर्थन कर रहे थे, वहीं कांग्रेस के ये तीनों नेता उनके विचारों का खंडन करते हुए उन्हें गलत बता रहे थे।

राजीव शुक्ला ने क्या कहा?

कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने ट्रंप के विचारों का जोरदार विरोध करते हुए कहा कि "भारतीय अर्थव्यवस्था मरी नहीं है।" उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों का संदर्भ दिया, जिनकी शुरुआत पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में हुई थी। शुक्ला ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में इन सुधारों को आगे बढ़ाने और मनमोहन सिंह द्वारा उन्हें दस वर्षों तक मजबूत करने का उल्लेख किया, साथ ही मौजूदा सरकार के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की आर्थिक स्थिति "बिल्कुल भी कमजोर नहीं है।"

बिल्कुल डेड नहीं इंडियन इकोनॉमी- थरूर

वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी 'डेड इकोनॉमी' के सवाल को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था "बिल्कुल डेड नहीं हुई है।" टैरिफ के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापार वार्ता अभी जारी है और टैरिफ में कमी आने की संभावना है। थरूर ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो भारत के निर्यात को निश्चित रूप से नुकसान होगा, क्योंकि अमेरिका भारत के लिए एक बहुत बड़ा बाजार है।

आत्मनिर्भर सोच की मनीष तिवारी ने की तारीफ

पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह "आत्मनिर्भर भारत की ताकत" का प्रमाण है। तिवारी के अनुसार, यह अवधारणा जवाहरलाल नेहरू की गुटनिरपेक्षता से शुरू हुई और अब प्रधानमंत्री मोदी की 'आत्मनिर्भर भारत' की सोच का हिस्सा है, जो देश की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।

शुक्ला, तिवारी और थरूर ने निकाली हवा

राजीव शुक्ला, शशि थरूर और मनीष तिवारी के ये बयान एक ऐसे समय में आए जब कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ और "डेड इकोनॉमी" के मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे थे। इन आंतरिक विरोधाभासों ने प्रभावी रूप से राहुल गांधी द्वारा स्थापित किए गए राजनीतिक एजेंडे को कमजोर कर दिया, जिससे विपक्ष की रणनीति की हवा निकल गई।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कॉमेंट में बताएं।

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