राजनाथ सिंह जी ये देखिये दाउद इब्राहिम का उत्तर प्रदेश से कनेक्शन
लखनऊ। देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर दो टूक बयान देते हुए एक सनसनीखेज खुलासा किया है। राजनाथ सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान आतंकियों को अब भी पनाह देता है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा है कि भारत का मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर छिपा है। राजनाथ सिंह का यह बयान भारत और पाकिस्तान के बीच के संबंधों पर विवाद जरुर पैदा करेगा मगर एक और अहम बात जिसपर पहले गौर करने की जरूरत है। जी हां वो है दाउद इब्राहिम के उत्तर प्रदेश कनेक्शन।

आजम खान ने यह बयान क्यों दिया ये तो वहीं जानते होंगे लेकिन देश की खुफिया एजेंसी (आईबी) इस बात की तह तक पहुंच गई है कि दाऊद इब्राहिम और उत्तर प्रदेश में गहरा कनेक्शन है। दाऊद इब्राहिम का भाई इकबाल कासकर भारत में होने वाले आतंकी गतिविधयों पर नजर रखता है। आईबी के रिपोर्ट की मानें तो साल 1999 से 2011 के बीच उत्तर प्रदेश के कम से कम 80 नेताओं के दाऊद इब्राहिम से संबंध पाए गये।
इतना ही नहीं उन नेताओं ने चुनाव जीतने के लिए दाऊद इब्राहिम के पैसे का इस्तेमाल किया और संसद पहुंचे। रिपोर्ट की मानें तो सिर्फ 80 सांसद ही नहीं बल्कि लगभग 100 विधायकों ने भी दाऊद इब्राहिम के पैसे और उसके अन्य सेवाओं का फायदा उठाया। आंकड़ों पर ध्यान दें तो उत्तर प्रदेश डी कंपनी के लिए सबसे पसंदीदा जगह है क्योंकि इस राज्य से गैंग को कई शार्प शूटर मिल चुके हैं। पुलिस के पास एक समय में जो रिकॉर्ड मौजूद थे उसके मुताबिक डी कंपनी में 200 शार्प शूटर थे जिनमें 130 केवल उत्तर प्रदेश के थे।
इन शूटरों को इकबाल कासकर ही हायर करता था। उसे ऐसा लगता था कि उत्तर प्रदेश के शूटर अपने काम को बाखूबी से करना जानते हैं। ज्यादातर शूटरों पर किसी राजनीतिक हस्ती के हत्या का आरोप था और उसके बाद उसे गैंग में शामिल कर लिया गया। इतना ही नहीं कुछ शूटर डी कंपनी और नेताओं के बीच पुल का काम करते हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश डी कंपनी के लिए इसलिए भी पसंदीदा है कि ड्रग्स सप्लाई करने के लिए यहां से बहुत आसानी से निकल कर नेपाल पहुंचा जा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications