उंची जाति की लड़की से प्यार करने की वजह से दलित युवक को गंवानी पड़ी जान
उंची जाति की लड़की से प्यार करना महंगा पड़ा दलित युवक को, लड़की के घर वालों ने लड़के को कथित रूप से मौत के घाट उतारा
हैदराबाद। दलिय युवक को उंची जाति की लड़की से प्यार करना काफी महंगा पड़ा है, तेलंगाना के पेडपल्ली जिले के गांव में मंथानी मधुकर की हत्या कर दी गई। मंथानी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसके बेटे की ऑनर किलिंग की गई है, परिवार वालों का आरोप है कि लड़की के घर वालों ने उनके बेटे को मौत के घाट उतार दिया।

यह घटना 14 मार्च की है, पेडपल्ली के खानापुर गांव में लड़के और लड़की के परिवार वालों ने शादी का विरोध किया था, जिसके बाद दोनों ही लड़के और लड़की ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। लड़की ने अपने ही घर पर जहर खाया था जबकि लड़के ने गांव के पास एक नहर के नजदीक जहर खा लिया था। हालांकि इस घटना के बाद लड़की की जान बच गई थी।
बड़े घर की लड़की से प्यार करता था मधुकर
मधुकर के भाई एम समैय्या बताया कि मधुकर पुत्ता शंकर के के फॉर्म हाउस में ट्रैक्टर चलाता था, इस दौरान उसकी मुलाकात शंकर की भतीजी से हुई और दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया। दोनो अपने परिवार वालों से इजाजत के बाद एक दूसरे से शादी करने की योजना बना रहे थे, लेकिन लड़की के घरवाले इसके खिलाफ थे क्योंकि मधुकर एक दलित था। समैया ने कहा कि दोनों ने एक साथ मिलकर आत्महत्या करने की योजना नहीं बनाई थी, लड़की ने आत्महत्या करने की कोशिश की थी लेकिन मधुकर की हत्या की गई है। समैया ने बताया कि मधुकर 13 मार्च की सुबह उस वक्त घर से बाहर गया जब उसे पता चला कि लड़की ने आत्महत्या की कोशिश की है और वह अस्पताल में भर्ती है।
लड़के के भाई ने लगाया परिवार वालों पर आरोप
समैया ने बताया कि 13 मार्च को मेरा भाई घर से गया लेकिन कभी लौटकर नहीं आया, उसके वापस नहीं आने के बाद हमने अगले दिन हमने मधुकर के दूसरे फोन से लड़की को फोन किया तो लड़की ने मधुकर के बारे में पूछा। मुझे समझ नहीं आता है कि कैसे लड़की को अस्पताल में फोन इस्तेमाल करने को मिला, हमने जब लड़की से कहा कि मधुकर के बारे में हमें नहीं पता है तो उसने हमसे कहा कि उसे नहर के पास ढूंढे, लड़की ने यह भी पूछा कि क्या मेरे घरवालों ने मधुकर के बारे में कुछ बताया है। इसके बाद जब हम नहर के पास गए तो वहां मधुकर का शव हमें मिला, मधुकर के पूरे शरीर पर चोट के निशान थे।
मधुकर को लड़की के घर वालों ने मारा
लड़की ने जब आत्महत्या करने की कोशिश को तो तकरीबन 10 दिन तक वह गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती रही जिसके बाद उसे 26 मार्च को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। मधुकर के माता-पिता का कहना है कि जब लड़की ने आत्महत्या की कोशिश की तो उसके घरवालों ने मधुकर को नहर के किनारे बुलाकर मौत के घार उतार दिया। हालांकि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के अनुसार मधुकर के शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं थे, लेकिन विसरा सैंपल को जांच के लिए भेज दिया गया है कि क्या मधुकर के शरीर में जहर था।
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वीडियो-फोटो में नहीं हैं चोट के निशान
इस पूरे मामले में असिस्टैंट कमिश्नर सिंधू शर्मा का कहना है कि पोस्टमार्टम से पहले की तस्वीर और वीडियो में मधुकर के शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं हैं, हालांकि एक आंख बंद थी लेकिन उसकी आंखे थी। परिवार वालों ने हत्या की बात कही है इसी के चलते हमने विसरा सैंपल को जांच के लिए भेज दिया है। हमने शव के दोबारा पोस्ट मार्टम कराने के लिए चीफ ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट से अपील की है और एक दो दिन में दोबारा पोस्टमार्टम हो जाएगा।












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