दलाई लामा ने रूस-यूक्रेन से किया युद्ध रोकने का आह्वान, कहा- अहिंसा से ही निकल सकता है समाधान
तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने सोमवार को रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पूर्वी यूरोपीय देश में शांति बहाल करने का आह्वान किया।
नई दिल्ली, 28 फरवरी। तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने सोमवार को रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पूर्वी यूरोपीय देश में शांति बहाल करने का आह्वान किया। 14वें दलाई लामा में कहा कि युद्ध अब एक पुराना तरीका हो गया है, किसी भी समस्या का हल अब केवल अहिंसा से ही निकल सकता है।

युद्ध का तरीका पुराना, अहिंसा की एकमात्र रास्ता
दलाई लामा ने एक बयान में कहा, 'मैं, यूक्रेन में संघर्ष को लेकर काफी दुखी हूं। हमारी दुनिया एक-दूसरे पर इतनी निर्भर हो गई है कि दो देशों के बीच हिंसक संघर्ष का अन्य देशों पर भी असर होगा। हालांकि युद्ध अब एक पुराना तरीका हो गया है और अहिंसा ही एकमात्र रास्ता है। हमें अन्य लोगों को भाई-बहन मानते हुए, पूरी मानवता के एक होने का विचार विकसित करना चाहिए। इस तरह हम अधिक शांतिपूर्ण विश्व का निर्माण कर पाएंगे।' उन्होंने कहा कि समस्याओं और असहमति को बातचीत के माध्यम से सबसे बहतर तरीके से हल किया जा सकता है।सच्ची शांति आपसी समझ और एक-दूसरे की भलाई के लिए सम्मान से आती है।
21वीं सदी संवाद की सदी होनी चाहिये
1959 से भारत में रह रहे तिब्बती नेता ने कहा कि हमें उम्मीद नहीं खोनी चाहिए। 20वीं सदी युद्ध और रक्तपात की सदी थी। 21वीं सदी संवाद की सदी होनी चाहिये। दलाई लामा का यह बयान रूस यूक्रेन के बीच लगातार 5वें दिन जारी युद्ध को लेकर आया है।
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अब तक 3,500 रूसी सैनिकों की मौत
वहीं यूक्रेन ने घोषणा की है कि इस युद्ध में 3,500 से अधिक रूसी सैनिक मारे गए हैं और 200 से अधिक सैनिकों को युद्ध बंदी बना लिया गया है। यूक्रेन की सरकार ने कहा कि युद्ध में 1 बच्चे समेत 352 आम लोग भी मारे गए हैं। यूक्रेनी सरकार ने बताया कि लगभग 4 लाख लोगों ने अन्य देशों में शरण ली है।
रूस से बातचीत को राजी हुआ यूक्रेन
इसी बीच, इस संकट को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा एक आपातकालीन बैठक बुलाएगी। इसी बीच यूक्रेन रूस से बातचीत करने के लिए सहमत हो गया है और दोनों देशों का प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए बेलारूस पहुंचा है।












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