क्या Dahi बनेगा 'सियासी दंगल' का कारण? राज्यों में दही के नाम बेहद दिलचस्प, भाषा का झगड़ा छोड़िए और जानिए
तमिलनाडु में Dahi को Thayir ही कहा जाए या हिंदी में भी इसका नाम इस्तेमाल हो, इस पर विवाद जैसी स्थिति है। डेयरी उत्पादों के नाम में भी काफी वेराइटी है। अलग-अलग- क्षेत्रों में दही के नाम जानना दिलचस्प है। जानिए

Curd यानी Dahi (दही) खाने का ऐसा आइटम है, जो अधिकांश मेन कोर्स भोजन के बाद लोग पसंद करते हैं। कई राज्यों में फूड कल्चर अलग होता है, ऐसे में दही के साथ चावल, भोजन के बाद मीठी दही जैसी चीजें पसंद की जाती हैं। दही को गर्मियों के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। रमजान के रोजे में फिट रहने के लिए सेहरी या इफ्तार के समय दही इस्तेमाल करने की सलाह मिलती है।
दही ! तेरे कितने नाम
दरअसल, दही कि चर्चा इसलिए क्योंकि तमिलनाडु में दही और दूसरे डेयरी उत्पादों पर हिंदी वर्जन के नाम लिखने पर विवाद हो रहा है। खुद मुख्यमंत्री ने इसे भाषा थोपने का प्रयास बताया है। सियासत के विवादों और भाषाई झगड़े को भुलाकर जानिए, दही खाने के फायदे और भारत के अलग-अलग राज्यों में दही के अलग-अलग नाम क्या हैं।
तमिलनाडु में दही का नाम
तमिलनाडु में बिकने वाले पैकेट पर Curd Hindi में लिखा जाएगा या नहीं इस पर राजनीति शुरू होती दिख रही है। तमिलनाडु में विरोध के बाद Thayir कीवर्ड सर्च हो रहा है। हालांकि, Dahi पर जारी FSSAI का निर्देश वापस ले लिया गया है, लेकिन इसी बहाने किस राज्य में दही को क्या कहते हैं, ये जानना हमारे ज्ञान को समृद्ध करने का सुनहरा मौका हो सकता है।
कर्नाटक के फूड कल्चर में दही
गैर हिदी भाषी प्रदेश कर्नाटक में भी भाषा को लेकर विवाद हो चुके हैं। कुछ ही हफ्ते में विधानसभा चुनाव हैं। भले ही आचार संहिता लागू है, लेकिन सियासी पहलू खोजने वाले यहां भी दही का इस्तेमाल कर सकते हैं। कर्नाटक में दही को मसरु (Masru) कहा जाता है। कर्नाटक में भोजन के बाद मसरु खाना बहुत कॉमन है। अन्ना का मतलब कन्नड़ भाषा में चावल होता है। ऐसे में वहां के फूड कल्चर में मसरु अन्ना खाना शुभ माना जाता है। मेहमान हों या घर के सदस्य, दही और चावल जरूर दिया जाता है।
पूर्वोत्तर भारत में दही के नाम
इन दो राज्यों के अलावा दही कोअसम और कुछ पूर्वोत्तर के क्षेत्रों में दोई (Doi) नाम से जाना जाता है। इसका एक नाम पेरुगु (Perugu) भी है। तेलुगू भाषी लोगों के बीच दही को पेरुगु कहा जाता है। कुछ बांग्ला भाषी लोग भी दही को दोई नाम से जानते हैं।
भैंसे के दूध से बनी दही का नाम
तमिलनाडु के पड़ोसी देश श्रीलंका में दही को मी कीरि (Mee Kiri) कहा जाता है। इसके बारे में लोगों का मानना है कि भैंसे के दूध से बनने वाली दही को मी कीरि नाम से जाना जाता है। केरल में रहने वाले लोग आम तौर पर मलयालम भाषा का इस्तेमाल करते हैं। यहां दही को तायीरे (tayire) कहा जाता है।












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