चक्रवाती तूफान तौकते ने गिर में उखाड़े 35 लाख से अधिक पेड़, वर्षों लगेंगे हटाने में, नहीं तो लग सकती भीषण आग

पिछले साल मई में आए चक्रवाती तूफान तौकते ने जमकर कहर बरपाया था। तूफान तौकते ने गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान में 35 लाख से अधिक पेड़ों को उखाड़ दिया था। साथ ही उसने भारत के पश्चिमी तट को भी तोड़ दिया था।

नई दिल्ली, 05 अगस्त : पिछले साल मई में आए चक्रवाती तूफान तौकते ने जमकर कहर बरपाया था। तूफान तौकते ने गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान में 35 लाख से अधिक पेड़ों को उखाड़ दिया था। साथ ही उसने भारत के पश्चिमी तट को भी तोड़ दिया था। राज्य के वन विभाग ने कई सर्वे के बाद यह बताया है। हालांकि, विशेषज्ञों की मानें तो इस नुकसान से चांदी ही चांदी है। क्योंकि शेर अक्सर खुले परिदृश्य को पसंद करते हैं।

अभी भी इसकी बनी है चिंता

अभी भी इसकी बनी है चिंता

लेकिन चिंता की बात ये है कि अगर पेड़ साफ नहीं रहे तो बड़ी बिल्लियों और अन्य वन्यजीवों को लंबे समय तक अभयारण्य के संरक्षित क्षेत्र से बाहर किया जा सकता है। 2019 की जनगणना के अनुसार, गुजरात के 674 एशियाई शेरों में से आधे 1412 वर्ग किलोमीटर में फैले अभयारण्य में लगभग 325 से 350 रहते थे।

शेरों का बढ़ जाएगा खतरा

शेरों का बढ़ जाएगा खतरा

नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ के सदस्य एचएस सिंह ने कहा कि एक साल में पेड़ जब सूख जाएंगे तो वे जंगल की आग का खतरा पैदा करेंगे। इससे शेरों को खतरा होगा। जिनकी आबादी पिछले 10 से 12 वर्षों में गिर में स्थिर हो गई है। नीलगाय जैसे शाकाहारी जानवर स्वतंत्र रूप से चलने में सक्षम नहीं हो सकते हैं।

पेड़ों को हटा देना चाहिए

पेड़ों को हटा देना चाहिए

उन्होंने कहा कि शेर कुछ हद तक खुले स्थान को पसंद करते हैं लेकिन पेड़ों को उन क्षेत्रों से हटा दिया जाना चाहिए, जहां वन्यजीवों की आवाजाही अधिक होती है। साथ ही कहा कि सभी पेड़ों को हटाने की जरूरत नहीं है, केवल 40 प्रतिशत पेड़ों को हटाने भर से काम चल जाएगा।

1982 में आए तूफान से अधिक उखड़े पेड़

1982 में आए तूफान से अधिक उखड़े पेड़

पेड़ों को जल्द हटाए जाने की संभावना भी नहीं दिख रही है। क्योंकि, 1982 में आए चक्रवात में गिर में 28 लाख पेड़ उखड़े थे। सिंह ने कहा कि लगभग 40 प्रतिशत गिरे हुए पेड़ों को साफ करने में लगभग तीन साल लग गए थे। इस बार की संख्या काफी अधिक है। इसलिए हटाने में काफी टाइम लग सकता है।

पेड़ों को हटाने की कवायद शुरू

पेड़ों को हटाने की कवायद शुरू

चक्रवात तौकते के एक साल बाद वन विभाग ने गिरे पेड़ों पर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी है। इसने 1982 में हुए नुकसान के आधार पर पिछले साल मई में उनकी संख्या 3 से 4 मिलियन के बीच होने का अनुमान लगाया था। मुख्य वन संरक्षक आराधना साहू ने कहा कि उन्होंने जंगली जानवरों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने और जंगल की आग से बचने के लिए गिरे हुए पेड़ों को हटाने की कवायद शुरू कर दी है।

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