Cyclone Gulab ने बढ़ाई टेंशन: बंगाल में इमरजेंसी कर्मियों की छुट्टियां रद्द, NDRF ने कसी कमर
कोलकाता, 25 सितंबर। पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में एक बार फिर से चक्रवाती तूफान का खतरा मंडराने लगा है। शनिवार को भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र की वजह से तटीय राज्यों में साइक्लोन अलर्ट और यल्लो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद अब राज्य सरकारें भी स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठा रही हैं।
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बंगाल में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द
आईएमडी वैज्ञानिकों द्वारा समुद्र के ऊपर कम दवाब के कारण भारी वर्षा की चेतावनी के बाद पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने तत्काल प्रभाव से सभी इमरजेंसी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी 5 अक्टूबर तक रद्द कर दी है। इसके अलावा राज्य सरकार ने लोगों से भी घरों में रहने की अपील की है। वहीं दूसरी तरफ कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति ने आज बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती तूफान से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों/एजेंसियों और राज्य सरकारों की तैयारियों की समीक्षा की। चक्रवाती तूफान की भविष्यवाणी के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के टीमों की तैनाती भी शुरू हो गई है।

एनडीआरएफ ने कसी कमर
एनडीआरएफ की तरफ से बताया गया कि उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तटों के लिए चक्रवात अलर्ट के मद्देनजर क्रमशः 13 टीमों की तैनाती की जाएगी। जबकि 5 टीमों को ओडिशा और आंध्र प्रदेश में तैनात किया जाएगा। बता दें कि मौसम विभाग ने जिस चक्रवात की चेतवानी दी है उसे 'साइक्लोन गुलाब' के नाम से जाना जाता है। चक्रवाती तूफान शनिवार और रविवार को दो दिनों तक सक्रिय रह सकता है।

आईएमडी वैज्ञानिक ने दी ये जानकारी
आईएमडी भुवनेश्वर के वैज्ञानिक डॉ. संजीव द्विवेदी ने बताया कि डीप डिप्रेशन की स्थिति 25 सितंबर को उत्तर और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के पास है। यह गोपालपुर से 510 किलोमीटर पूर्व- दक्षिण-पूर्व की दूरी पर है। कलिंगापट्टनम से पूर्व-उत्तर-पूर्व पर 590 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके अगले 12 घंटे में चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है।

कल हो सकता है लैंडफॉल
उन्होंने आगे कहा, 'उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के विशाखापट्टनम गोपालपुर के पास कलिंगापट्टनम में 26 सितंबर की शाम को लैंडफॉल करने की संभावना है। लैंडफॉल के समय हवा की गति 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है।' गौरतलब है कि पिछले साल भारतीय तटों पर एक के बाद एक कई समुद्रीय चक्रवातों ने तबाही मचाई थी। साल 2020 में बंगाल की खाड़ी ने तीन चक्रवाती तूफान उत्पन्न हुए, जबकि अरब सागर ने दो चक्रवाती तूफान आए।
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