ओडिशा पर मंडराया 'चक्रवात गति' का खतरा, भारी बारिश के आसार, Orange Alert जारी
ओडिशा। भारत कोरोना संकट से लगातार जूझ रहा है, संकट के इस दौर में देश को प्राकृतिक आपदाओं ने भी घेर रखा है, भूकंप, चक्रवात 'निसर्ग'और 'अम्फान' के बाद एक और तूफान देश की ओर बढ़ रहा है, भारतीय मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में कहा है कि बंगाल की खाड़ी में 'चक्रवाती तूफान' की आशंका पैदा हो रही हैं, जो कि तेजी से भारत के पूर्व तट की ओर आगे बढ़ रहा है, विभाग ने इस तूफान नाम 'गति' रखा है, हालांकि ये 'अम्फान' और 'निसर्ग' के मुकाबले कमजोर बताया जा रहा है।

ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट जारी
लेकिन इस तूफान की वजह से ओडिशा और उसके आस-पास के राज्यों में भारी बारिश संभव है और इसी वजह से भारतीय मौसम विभाग ने ओडिशा में 10 और 11 जून के लिए ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, मौसम केन्द्र ने कई जिलों के लिये आज लेकर 10 जून तक येलो वार्निंग और कई अन्य जिलों में 11 जून तक ऑरेंज वार्निंग जारी की है।

तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक में भी होगी बारिश
आईएमडी ने कहा है कि तूफान के आसपास पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के पूर्वी हिस्सों में एक निम्न दबाव वाला क्षेत्र बनने की संभावना है, ओडिशा के अलावा अगले 48 घंटों के दौरान तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और केरल के भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश संभव है।

इन राज्यों में भी बारिश संभव
साथ ही पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर मंगलवार तक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के साथ पश्चिम बंगाल, ओडिशा, सिक्किम तथा पूर्वोत्तर के राज्यों के कुछ हिस्सों में मानसून 11-12 जून तक जमकर बारिश हो सकती है।

कोरोना वायरस से भी खतरनाक था 'अम्फान'
बता दें कि मई महीने में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में आए चक्रवाती तूफान 'अम्फान' ने जबरदस्त तबाही मचाई थी, इस तूफान की वजह से पश्चिम बंगाल में 85 लोगों की मौत हो गई थी और करोड़ों का आर्थिक नुकसान भी हुआ था, बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा था कि ये कोरोना से भी भारी तूफान था, जिसने राज्य को काफी नुकसान पहुंचाया था। मौसम विभाग ने इसे 21 साल में आया सबसे भयंकर चक्रवात माना था। 1999 में आए तूफान के बाद यह पहला सुपर साइक्लोन था।
चक्रवाती तूफान 'निसर्ग' ने मचाई थी तबाही
तो वहीं जून के पहले हफ्ते में अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान निसर्ग ने काफी तबाही मचाई। 2 जून को इस तूफान की वजह से महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। यह तूफान मुंबई भी पहुंचा और कई घरों पेड़ों को नुकसान पहुंचाया, इसमें तीन लोगों की मौत भी हो गई थी, विभाग ने कहा कि पिछले सवा सौ सालों में मुंबई आया यह सबसे भयंकर तूफान था। 'निसर्ग' के कारण महाराष्ट्र, गोवा-कोंकण और गुजरात में काफी बारिश हुई इसका असर एमपी और राजस्थान पर भी रहा, वहां भी दो दिन काफी बारिश हुई है।












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