• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

बुलेट या IED से नहीं बचाती मेटल प्लेट्स, CRPF ने गृह मंत्रालय को बताया

|

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आंतकी हमले के बाद सीआरपीएफ ने गृह मंत्रालय को बताया है कि मेटल प्लेट्स बुलेट या आईईडी से कोई सुरक्षा प्रदान नहीं करती है। बता दें कि केंद्र से एक बख्तरबंद काफिले के लिए बेहतर समर्तन की मांग वर्षों से बनी हुई है। लेकिन इसकी चर्चा अब और तेज हो गई जब पुलवामा के अवंतीपुरा में आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए। इस हमले के बाद कई लोगों ने तर्क दिया कि कुछ इलाकों में जहां स्थिति गंभीर है वहां वायु सेना की मदद से ऐसे नुकसान को राका जा सकता था।

बर्फबारी की वजह से होती है दिक्कत

बर्फबारी की वजह से होती है दिक्कत

बता दें कि जम्मू-कश्मीर का मौसम देश के बाकी हिस्सों से अलग है। गर्मियों तो स्थिति फिर भी ठीक रहती है लेकिन ठंडी के मौसम में बर्फबारी और भूस्खलन की वजह से तीन से हजार तक जवान जम्मू के ट्रांजिट कैंप में फंसे रहते हैं। लेकिन रिपोर्ट कहती है कि ट्रांजिट कैप में एक समय में एक हजार के आसपास जवान ही ठहर सकते हैं क्योंकि कैंप की क्षमता ही इतनी होती है। सीआरपीएफ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पिछले 15 दिनों में भारी बर्फबारी की वजह से जम्मू से श्रीनगर तक केवल तीन दिन तक काफिला गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि 4 फरवरी को आखिरी काफिला निकला था जिसमें 2871 जवान के साथ 91 वाहन जम्मू से श्रीनगर चले गए।

बुलेट प्रूफ वाहनों की संख्या बढ़ाने की कोशिश

बुलेट प्रूफ वाहनों की संख्या बढ़ाने की कोशिश

अर्धसैनिक बल के 78 वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर सीआरपीएफ के महानिदेशक आरआर भटनागर ने संवाददाताओं से कहा था कि हम कश्मीर में जवानों की तैनाती के लिए अधिक बुलेट प्रूफ वाहन उपलब्ध कराने के प्रयास कर रहे हैं। वाहनों की खरीद की एक जटिल प्रक्रिया है। आपको बता दें कि जुलाई 2018 तक सीआरपीएफ को सुरक्षा सामनों की खरीदी के लिए जटिल प्रक्रिया का सामना करना पड़ा। इसके बाद सीआरपीएफ ने तेजी दिखाई और 'इम्प्रोवाइजेशन' के माध्यम से कई वाहनों और सैन्य टुकड़ियों को कवच प्लेट देने का प्रयास किया। जिसमें धातु की प्लेट जैसे कुछ सामान थे।

घाटी में जवानों को सबसे ज्यादा खतरा गोलीबारी और आईईडी से

घाटी में जवानों को सबसे ज्यादा खतरा गोलीबारी और आईईडी से

लेकिन सीआरपीएफ के रिपोर्ट में एक पहलू यह भी है कि काफिले को सबसे ज्यादा खतरा आईईडी और गोलियों से रहा है। इस अटैक में तो आत्मघाती हमलावर ने बम से भरे वाहन का इस्तेमाल किया। बता दें कि घाटी में काफिले के लिए खतरा हमेशा दुश्मनों की गोलीबारी और लगाए गए IED से है। जिसके लिए पर्याप्त सुरक्षा उपायों को तैयार और कार्यान्वित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार सैनिकों को भी प्रशिक्षित और संवेदनशील बनाया गया है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
CRPF tells MHA After Pulwama Attack, Metal Plates Offer no Protection From Bullets or IED
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X