कौन हैं IAS कुमार रवि? MNC की मोटी सैलरी छोड़ बने अफसर, नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद अब निशांत की टीम में!
IAS Kumar Ravi: बिहार सरकार में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद वरिष्ठ IAS अधिकारी कुमार रवि (IAS Kumar Ravi) एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। उन्हें स्वास्थ्य विभाग का नया सचिव बनाया गया है। खास बात यह है कि इस विभाग की जिम्मेदारी अब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Former CM Nitish Kumar) के बेटे और नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार (Nishant Kumar) के पास है।
ऐसे में कुमार रवि की नई पोस्टिंग को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है। कुमार रवि पहले भी मुख्यमंत्री सचिवालय में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उन्हें बिहार प्रशासन के भरोसेमंद अधिकारियों में गिना जाता है। इंजीनियर से IAS बनने तक का उनका सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग की कमान मिलने के बाद उनका नाम फिर सुर्खियों में है।

कौन हैं आईएएस कुमार रवि?
कुमार रवि का जन्म साल 1979 में बिहार के नालंदा जिले के चुलिहारी गांव में हुआ था। शुरुआती पढ़ाई बिहार में पूरी करने के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की तैयारी शुरू की। मेहनत के दम पर उन्होंने IIT प्रवेश परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 142 हासिल की और IIT कानपुर में दाखिला लिया। वहां से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की।
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मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ी
साल 2001 में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद कुमार रवि ने दिल्ली की एक मल्टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया। हालांकि कॉर्पोरेट नौकरी में उनका मन ज्यादा समय तक नहीं लगा। उन्होंने नौकरी छोड़कर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।
उनकी मेहनत रंग लाई और साल 2003 में उन्होंने UPSC परीक्षा पास कर इंडियन रेवेन्यू सर्विस यानी IRS जॉइन किया। लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस बनना था। इसी वजह से उन्होंने दोबारा तैयारी की और 2005 की UPSC परीक्षा में पूरे देश में 10वीं रैंक हासिल कर IAS बने। उन्हें बिहार कैडर मिला।
कई अहम जिलों में रहे DM
आईएएस बनने के बाद कुमार रवि ने बिहार के कई जिलों में जिम्मेदारियां संभालीं। वह पटना के डीएम और प्रमंडलीय आयुक्त रह चुके हैं। इसके अलावा गया, दरभंगा समेत कई जिलों में उन्होंने जिला अधिकारी के तौर पर काम किया।प्रशासनिक हलकों में उनकी पहचान तेज फैसले लेने वाले और जमीन पर काम करने वाले अधिकारी की रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी उनकी कार्यशैली की चर्चा होती रही है।
2008 की बाढ़ में किया था बड़ा काम
साल 2008 में बिहार में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान कुमार रवि सुपौल जिले में तैनात थे। उस समय उन्होंने राहत और बचाव अभियान की कमान संभाली थी। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों तक मदद पहुंचाने और प्रशासनिक व्यवस्था संभालने के लिए उनकी काफी सराहना हुई थी।
मुख्यमंत्री सचिवालय में भी निभाई अहम भूमिका
कुमार रवि भवन निर्माण विभाग में सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा अगस्त 2024 में उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात किया गया था। उस दौरान उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ कई अहम योजनाओं और प्रशासनिक मामलों पर काम किया। उन्हें बिहार सरकार के अनुभवी और भरोसेमंद अधिकारियों में गिना जाता है। यही वजह है कि सरकार बदलने के बाद भी उन्हें अहम विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
अब स्वास्थ्य विभाग की कमान
हाल ही में बिहार सरकार ने बड़े स्तर पर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया। इसी फेरबदल में कुमार रवि को स्वास्थ्य विभाग का सचिव बनाया गया। इससे पहले यह जिम्मेदारी लोकेश कुमार सिंह के पास थी, जिन्हें अब पर्यटन विभाग भेजा गया है। इसके साथ ही कुमार रवि को संसदीय कार्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। अब वह स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के साथ मिलकर विभाग के कामकाज को संभालेंगे।
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