नर्सरी की मासूम से दरिंदगी पर दिल्ली सरकार का एक्शन!भेजा गया नोटिस, स्कूल का लाइसेंस हो सकता है कैंसिल
Delhi school News: दिल्ली के शिक्षा जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक खबर सामने आई है। राजधानी के वेस्ट-बी (West B) जिला स्थित एक स्कूल में नर्सरी की छात्रा के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद दिल्ली सरकार का शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) पूरी तरह एक्शन मोड में है।
निदेशालय ने स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को देखते हुए उसे 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर दिया है। यह मामला न केवल बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि स्कूल प्रशासन की उस लापरवाही को भी उजागर करता है जहाँ नियमों को ताक पर रखकर बच्चों के भविष्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था।

प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा में बड़ी सेंध
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि स्कूल परिसर के भीतर और स्कूल के समय के दौरान ऐसी घटना का होना प्रबंधन की भारी विफलता है। शुरुआती जांच में यह पाया गया है कि स्कूल के भीतर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों का नेटवर्क बेहद कमजोर था।
संवेदनशील जगहों पर कैमरों का न होना या उनका काम न करना सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है। निदेशालय ने इसे स्कूल प्रशासन और सुपरवाइजरी स्टाफ की नैतिक और वैधानिक जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने जैसा माना है। लंबे समय से स्कूल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन मैनेजमेंट ने इसे सुधारने की जहमत नहीं उठाई।
The Directorate of Education, Government of Delhi, has issued a show-cause notice to a school in Delhi. The notice pertains to an alleged case of molestation involving a nursery student. The school has been asked to provide an explanation; failure to do so could result in the… pic.twitter.com/k435O3zR0g
— ANI (@ANI) May 11, 2026
नियमों की धज्जियां: मुख्य कैंपस से दूर चल रही थी नर्सरी
निदेशालय की जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। नोटिस के मुताबिक, स्कूल अपनी नर्सरी और प्री-प्राइमरी कक्षाओं को मुख्य कैंपस में न चलाकर करीब एक किलोमीटर दूर एक निजी जमीन पर संचालित कर रहा था। यह जमीन दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा स्कूल को अलॉट की गई जमीन का हिस्सा नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि इन छोटे बच्चों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए सक्षम अधिकारियों से कोई अनुमति या मंजूरी भी नहीं ली गई थी। बिना किसी अनुमति के मासूम बच्चों को अलग परिसर में रखना 'दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट एंड रूल्स' (DSEAR) का गंभीर उल्लंघन है।
मान्यता रद्द होने का खतरा: स्कूल के पास आखिरी मौका
शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्कूल को चेतावनी दी है कि वह इस नोटिस का संतोषजनक जवाब दे। अगर स्कूल प्रशासन इन गंभीर आरोपों और लापरवाही पर अपनी सफाई देने में नाकाम रहता है, तो निदेशालय उसकी मान्यता रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर सकता है। विभाग का मानना है कि स्कूल का आचरण न केवल लापरवाही भरा है, बल्कि यह मासूम बच्चों की शारीरिक और मानसिक सुरक्षा को गंभीर खतरे में डालने वाला है। अब सबकी नजरें स्कूल के जवाब पर टिकी हैं, क्योंकि यह मामला दिल्ली के हजारों अभिभावकों की चिंता से जुड़ा है।
दिल्ली शिक्षा निदेशालय की कार्रवाई का विश्लेषण
इस मामले में निदेशालय का कड़ा कदम उठाना यह संदेश देता है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- सख्त संदेश: नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के लिए यह एक चेतावनी है।
- निगरानी की कमी: स्कूल में निगरानी तंत्र का फेल होना अपराधी को बढ़ावा देने जैसा है।
- कानूनी जवाबदेही: दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम (DSEAR) के तहत स्कूल अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।












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