आंकड़ों में सामने आई भाजपा शासित राज्यों की हकीकत, सबसे अधिक सांप्रदायिक घटनाएं
नई दिल्ली। देश में पिछले तीन सालों में कई सांप्रदायिक दंगे हुए जिसमे ना सिर्फ लोगों की जान गई बल्कि करोड़ों की संपत्ति को भी भारी नुकसान हुआ है। सरकार ने पिछले तीन सालों में देशभर में हुई सांप्रदायिक घटनाओं में मारे गए लोगों की संख्या और इससे हुए नुकसान का आंकड़ा जारी किया है, जिसमे कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पिछले तीन सालों में अलग-अलग कुल 2098 सांप्रदायिक घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं में सबसे आगे उत्तर प्रदेश का नंबर आता है।

पहले नंबर पर उत्तर प्रदेश
सरकार ने जो आंकड़ा साझा किया है उसमे सांप्रदायिक हिंसा भाजपा शासित राज्यों में सबसे अधिक हुई है। यह आंकड़ा केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में साझा किया है। सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों से साफ हो गया है कि हिंसा को रोकने के सरकार के तमाम दावे खोखले साबित हुए हैं और तमाम कोशिशों के बाद भी हिंसा की घटनाएं नहीं रुकी। आंकड़ों के अनुसार जिन राज्यों में सबसे अधिक सांप्रदायिक घटनाएं हुई हैं जिसमे सबसे पहले पायदान पर उत्तर प्रदेश का नंबर आता है।

यूपी में 450 घटनाएं
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र आता है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन सालों में उत्तर प्रदेश में कुल 450 घटनाएं हुई हैं, जिसमे 77 लोगों की जान चली गई। जबकि महाराष्ट्र में कुल 270 दंगे हुए हैं, जिसमे 32 लोगों की जान चली गई है। गृहमंत्रालय के आंकडे़ सामने आने के बाद भाजपा शासित राज्यों में कानून व्यवस्था की हकीकत भी खुलकर सामने आ गई है।

योगी सरकार लाई यूपीकोका सरकार
आपको बता दें कि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है। इसी साल उत्तर प्रदेश में भाजपा को प्रचंड बहुमत हासिल हुआ है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार में आने के बाद दावा किया था कि वह प्रदेश की कानून व्यवस्था को सही करने के लिए सख्त कदम उठाएंगे। बुधवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में योगी सरकार ने संगठित अपराध को रोकने के लिए यूपीकोका कानून पेश किया है, इस कानून के अंतर्गत गिरफ्तार किए गए अपराधियों को छह महीने तक जमानत नहीं दी जाएगी।
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