CPM के मुखपत्र में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को नसीहत, लिखा- संविधान के दायरे में रहें
नई दिल्ली। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान एक बार फिर चर्चा में हैं। अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले राज्यपाल आरिफ खान पर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सवादी) ने अपने मुखपत्र के जरिए निशाना साधा है। मुखपत्र में राज्यपाल को नसीहत देते हुए कहा गया कि उन्हें संविधान के अनुसार ही काम करना चाहिए, न कि व्यक्तिगत आधार पर। सीपीएम के इस लेख को लेकर अब राजनीतिक बवाल मच गया है।

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी को लेकर कई बार दिए बयान के चलते राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान विरोधियों के निशाने पर आते रहे हैं। केरल सरकार ने पहले ही सीएए को राज्य में लागू करने से इनकार कर दिया है। इसी बीच सीपीएम ने भी अपने मुखपत्र के माध्यम से राज्यपाल पर निशाना साधा है। सीपीएम ने लिखा कि राज्य सरकार हर दिन की गतिविधियों की जानकारी राज्यपाल को दे ऐसा प्रावधान संविधान में कहीं नहीं है। अनुच्छेद 167 बताता है कि किन हालात में मुख्यमंत्री राज्यपाल को सूचित करेंगे। इसके अलावा किसी भी प्रदेश का सीएम सिर्फ कैबिनेट के निर्णयों की सूचना राज्यपाल को देने के लिए बाध्य है।
सीपीएम के मुखपत्र में आगे कहा गया है कि इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं की पर सुनवाई के दौरान भी अनुच्छेद 167 पर चर्चा की गई थी। बता दें कि सीएए और एनआरसी को लेकर केरल सरकार और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान आमने-सामने हैं। केरल की विधानसभा में हाल ही में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया था जिसे राज्यपाल ने खारिज कर दिया था। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा था कि यह अब कानून बन चुका है।
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