उपराष्ट्रपति उम्मीदवार CP Radhakrishnan को मिला YSRCP का साथ, निर्विरोध चुनाव की कोशिश में लगी BJP
CP Radhakrishnan News: एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबको अपने फैसले से हैरान कर दिया है। एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। माना जा रहा है कि अंतिम फैसला प्रधानमंत्री का ही था। बीजेपी निर्विरोध चुनाव के लिए अब कोशिश कर रही है। इसके लिए विभिन्न दलों से समर्थन जुटाने की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वाईआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी से फोन पर बात की है। रेड्डी ने एनडीए के उम्मीदवार के समर्थन का ऐलान कर दिया है।
एनडीए के घटक दलों ने पहले ही पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा पर अंतिम फैसला छोड़ा था। अब बीजेपी संवैधानिक पद के लिए चुनाव निर्विरोध संपन्न कराने की कोशिश में जुट गई है। सोमवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने कई विपक्षी दलों के नेताओं को फोन किया है। उन्होंने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी बात की है।

CP Radhakrishnan निर्विरोध चुने जाएंगे उपराष्ट्रपति?
उपराष्ट्रपति का पद संवैधानिक होता है और सैद्धांतिक तौर पर इसे दलगत राजनीति से ऊपर माना जाता है। भारत का उपराष्ट्रपति ही राज्यसभा का पदेन सभापति भी होता है। बीजेपी की कोशिश है कि निर्विरोध चुनाव के लिए माहौल बनाया जाए, ताकि जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश जाए। एनडीए के पास लोकसभा और राज्यसभा में पर्याप्त संख्या बल है। वाईएसआरसीपी ने समर्थन का ऐलान किया है, जिसके पास 7 सांसद राज्यसभा में और चार सांसद लोकसभा में हैं। जगन मोहन की पार्टी का एक लोकसभा सांसद इस समय जेल में हैं। टीएमसी ने पिछली बार जगदीप धनखड़ बनाम मार्ग्रेट अल्वा की लड़ाई में मतदान से दूरी बनाई थी।
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बताया जा रहा है कि राजनाथ सिंह और ममता बनर्जी के बीच फोन पर बातचीत हुई है। ममता ने अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि वह किसी गैर-राजनीतिक व्यक्ति को ही विपक्ष का उम्मीदवार देखना चाहती हैं। इंडिया अलायंस अगर साझा उम्मीदवार पर सहमत नहीं होता है, तो संभावना है कि इस बार भी टीएमसी मतदान से दूरी बना सकती है। सूत्रों के मुताबिक किरेन रिजिजू और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी विपक्षी दलों, निर्दलीय सांसदों से फोन पर समर्थन मांग सकते हैं।
कौन सी विपक्षी पार्टी दे सकती हैं समर्थन?
इस बात की संभावना कम ही है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दल निर्विरोध चुनाव के लिए अपना समर्थन दें। हालांकि, बीजेपी को उम्मीद है कि छोटी पार्टियां और निर्दलीय सांसदों का समर्थन मिल सकता है। उपराष्ट्रपति के चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद वोट डालते हैं। इसमें नाम-नामित सदस्य भी वोट देते हैं।
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