Covid19 वॉरियर्स: 'मैं स्वाद या गंध पहचानने असमर्थ थी' रिकवर हुई महिला ने इंस्टाग्राम पर साझा किया दर्द!
नई दिल्ली। फिनलैंड की यात्रा के दौरान Covid19 से संक्रमित हुईं अहमदाबाद की दूसरी महिला सुमिति सिंह ने एक साक्षात्कार में कोरोना वायरस की चपेट में आने और फिर स्वस्थ होकर अपने घर पहुंचने की सकुशल पहुंचने की अपनी पूरी यात्रा ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे से साझा की है।

फिनलैंड की यात्रा से घर लौटने के बाद रोग के शुरूआती लक्षणों के बारे में अपने अनुभव बताते हुए सुमिति सिंह कहती है कि जैसे ही एक बार Covid19 के रूप में पॉजिटव पाया गया, उनके परिवार ने उन्हें आइसोलेशट कर दिया था और स्वस्थ होने तक वह अस्पताल में में रहीं, जहां उनका इलाज किया गया।
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बकौल सुमिति सिंह, "जब मुझे ठंड लगने के साथ हल्का बुखार हुआ, तो मैंने खुद को अपने कमरे में आइसोलेट कर लिया था और जिस दिन मैं फिनलैंड से लौटी थी, तब से ही "हर एहतियात" बरतते आ रहीं थीं। हालांकि पहले मेरे परिवार के डॉक्टर ने सोचा कि यह अचानक तापमान में बदलाव के कारण है और एंटीबायोटिक दवा खाने की सलाह दी, लेकिन मैंने जोखिम में नहीं लिया।"

सुमिति सिंह के मुताबिक फिनलैंड की यात्रा से लौटने के बाद से ही उन्होने खुद को अपने कमरे में आइसोलेट करना शुरू कर दिया था, जहां परिवार के किसी भी सदस्य को घुसने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनके कमरे के बाहर रखी एक मेज पर उन्हें भोजन परोसा गया था और जूठे बर्तन को लौटने से पहले हर बर्तन को साफ किया।

सुमिति सिंह अहमदाबाद में दूसरी कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज थीं
महिला के लक्षणों में तेजी बदलाव होने शुरू हो गए जब उन्हे खांसी के साथ सीने में अकड़न सी महसूस होने लगी थी। जब शुरूआती जांच के लिए महिला अस्पताल में पहुंची तो शुरू में वह आशावादी थी, लेकिन दो दिन बाद जब उसे बताया गया कि वह अहमदाबाद में दूसरी पॉजिटिव मरीज थीं, तो उसका दिल भर आया।

सुमिति घबरा गईं थी कि कहीं उसने परिवार को संक्रमित तो नहीं कर दिया
सुमिति सिंह ने बताया कि उसने घर में सारी सावधानी बरती थी, लेकिन वह परिवार को लेकर घबरा गई थी कि कहीं उसने उन्हें संक्रमित कर दिया है तो उनका क्या होगा? हालांकि अहमदाबाद नगर निगम ने टेस्ट पॉजिटिव आने के एक घंटे के भीतर उसके घर को कीटाणुरहित कर दिया गया और उसके परिवार वालों को तत्काल आइसोलेशन में भेज दिया और महिला को भीअस्पताल ले जाया गया था।

सुमिति सिंह ने बताया कि उपचार के पहले दो दिन बेहद डरावने थे
कोरोनो वायरस के लिए उसे मिलने वाले उपचार के बारे में बात करते हुए सुमिति सिंह ने बताया कि पहले दो दिन बेहद डरावने थे, लेकिन डॉक्टरों और नर्सों ने "सुपरहीरो" के रूप में उसकी प्रशंसा की। सुमिति सिंह के मुताबिक जब वह Covid19 पॉजटिवि थी तो कुछ भी गंध या स्वाद महसूस नहीं कर सकती थी, जो सभी लक्षणों में से एक प्रमुख लक्षण था।

11 दिनों के बाद दो बार टेस्ट निगेटिव आने के बाद अस्पताल से मिली छुट्टी
महिला ने बताया कि डाक्टरों ने उसकी शानदार देखभाल की, जहां हर दो घंटे में उसकी निगरानी होती थी और कुल 11 दिनों के बाद कुल दो बार के टेस्ट निगेटिव आने के बाद सुमिति सिंह को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और जिस दिन वह अपने परिवार से मिलने सोसाइटी के गेट पर पहुंची तो सभी लोगों ने ताली बजाकर उसका स्वागत किया।

सुमिति सिंह यह कहानी अपने इंस्टाग्राम पेज पर साझा की है
सुमिति सिंह यह कहानी अपने इंस्टाग्राम पेज पर साझा की है और साझा किए जाने के बाद से अब तक इस कहानी को 66,000 से अधिक 'लाइक' मिल चुके है और कहानी पर लोगों ने एक टन टिप्पणी भी की हैं। इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने लिखा, इस तरह की कहानियां निश्चित रूप से सकारात्मकता और आशा को फैलाने में मदद करती हैं, तो दूसरे यूजर ने अपनी टिप्पणी में लिखा "बहुत बहादुर है वह''।

गुजरात में अब तक कुल 617 Covid19 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं
वर्तमान समय में पूरे गुजरात में अब तक कुल 617 कोरोना वायरस पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं, जिममें से अकेले 346 मरीज अहमदाबाद से हैं। शहर के नागरिक निकाय ने गुजरात विश्वविद्यालय परिसर के पास एक छात्रावास परिसर में 2000 रोगियों की क्षमता के साथ देश के सबसे बड़े Covid -19 केयर सेंटर को तैयार किया है।












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