शहरों के बाद अब गांवों को अपना निशाना बना सकता है कोरोना, तेजी से बढ़ सकते हैं मामले
नई दिल्ली, 19 जनवरी। कोरोना के मामलों में दिल्ली और मुंबई में पिछले कुछ दिनों में गिरावट देखने को मिल रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य एक्सपर्ट का कहना है कि यह कोरोना लहर का अंत नहीं है क्योंकि अभी यह छोटी जगहों प रऔर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के टेक्निकल एडवायजरी ग्रुप के सदस्य डॉक्टर अनुराग अग्रवाल ने बताया कि नए मामलों में काफी तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिलेगा और इतनी ही तेजी से मामलों में गिरावट भी देखने को मिल सकती है। डॉक्टर अग्रवाल ने कहा कि मेट्रो शहरों में जल्द ही कोरोना के मामलों में तेजी से गिरावट देखने को मिलेगी और पाबंदियों में राहत मिलेगी। लेकिन छोटे क्षेत्रों जैसे उत्तरपूर्व में मामले तेजी से बढ़ सकते हैं लेकिन काफी रफ्तार से ही यहां मामलों में गिरावट भी देखने को मिलेंगे। बता दें कि मुंबई और दिल्ली दोनों ही जगहों पर पिछले हफ्ते तक कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी।

अभी निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी
अनुराग अग्रवाल ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि मुंबई में कोरोना के मामलों में गिरावट को पूरे महाराष्ट्र में गिरावट के तौर पर देखा जा सकता है क्योंकि महाराष्ट्र बड़ा राज्या है। दिल्ली में कोरोना का चरम अब जा चुका है, लेकिन संक्रमण फैलने का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। वरिष्ठ महामारी रोग विशेषज्ञ गिरिधारा बाबू ने कहा कि मामलों में गिरावट हो सकती है लेकिन अभी से इस बारे में कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली और मुंबई में पॉजिटिविटी रेट अभी भी ज्यादा है। 14 जनवरी को दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट 30 फीसदी था और महाराष्ट्र में यह 22 फीसदी था। अधिक पॉजिटिविटी रेट और से साफ है कि ग्रामीण इलाकों में संक्रमण के मामले बढ़ेंगे। नए मामले उस वक्त और बढ़ेंगे जब पाबंदियों को हटा लिया जाएगा। हालांकि अब कोरोना के मामलों में गिरावट आ रही है लेकिन अभी से कुछ भी निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
गांवों में टेस्टिंग बढ़े तो संक्रमण के मामले बढ़ेंगे
डॉक्टर गिरिधारा बाबू ने कहा कि अगर ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग को बेहतर किया जाए तो तो पता चलेगा कि यहां मामलों में बढ़ोतरी हुई है,खासकर कि महाराष्ट्र के गांवों में। ऐस मं अगले दो से चार हफ्ते काफी अहम हैं और हमे स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। डॉक्टर अग्रवाल न भी कहा कि महामारी का खतरा अभी भी बना हुआ है। अच्छी बात यह है कि लोगों में रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ रही है, ऐस में भविष्य में आने वाली लहर से लोगों को अधिक सुरक्षा मिलेगी। हमे याद रखना चाहिए कि फ्लू वायरस काफी लंबे समय तक हमारे बीच रहा था। संक्रमण की यह प्रकृति होती है कि यह लंबे समय तक अपने असर को बनाए रखता है।












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