जानिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किसे कहा-'सुपरमैन' और 'वंडर वुमन'?
Rajnath Singh praises medical fraternity in fight against Covid-19: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश में जानलेवा कोरोना वायरस संकट के बीच मशहूर फिक्शन हीरो 'सुपरमैन' और 'वंडर वुमन' का जिक्र करते हए बड़ी बात कही है। राजनाथ सिंह ने कहा है कि कोरोना संकट की घड़ी में अगर डॉक्टरों ने प्रतिबद्धता नहीं दिखाई होती तो आज ना कोई 'सुपरमैन' होता और ना ही 'वंडर वुमन', इस संकट के दौरान पूरी दुनिया ने समझ लिया कि हमारे असली 'सुपरमैन' और 'वंडर वुमन' सभी डॉक्टर, नर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ हैं, मैं इन्हें सलाम करता हूं।

राजनाथ सिंह कहा कि महामारी के दौरान अपनी जान की परवाह ना करते हुए डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ ने योद्दाओं की तरह युद्ध लड़ा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र के लोगों ने जिस तरह सेवा की उसके लिए पूरी मानवता उनकी कर्जदार रहेगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि इन डॉक्टरों-नर्सो के परिश्रम और जज्बे को शब्दों में बयां कर पाना असंभव है, बिना थके और रुके वे लगातार काम करते रहे और ऐसे हालत में लड़े जो उनके पहले की कई पीढ़ियों ने देखा ही नहीं।
सबसे पहले टीका डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को लगेगा
यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई क्योंकि ब्रिटेन में कोरोना के नये वायरस सामने आये हैं और यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब कोरोना का वैक्सीन पूरी दुनिया को उपलब्ध नहीं हो जाता है। जब भी जंग की बात होती है तो हमारे सामने सेना की तस्वीर आ जाती है लेकिन कोरोना के खिलाफ ऐसी जंग है, जिसे पूरे विश्न में डॉक्टर्स-नर्स फ्रंटलाइन पर लड़ रहे हैं। मैं सभी को सम्मान करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार में मोटे तौर पर सहमति बन गई है कि जब भी देश में टीकाकरण शुरू होगा तो सबसे पहले डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा।
'हम किसी भी मामले में समझौता नहीं करना चाहते'
मालूम हो कि इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि ब्रिटेन और अमेरिका में कोरोना वायरस वैक्सीन के टीके लोगों को लगने शुरू हो गए हैं। अब जल्द ही भारत में भी कोरोना वायरस के टीके लगना शुरू हो जाएंगे। हमारी प्राथमिकता सुरक्षा और वैक्सीन के प्रभाव को लेकर है। हम किसी भी मामले में समझौता नहीं करना चाहते हैं।
'कोरोना का बुरा दौर गुजर चुका है'
जब हेल्थ मिनिस्टर से पूछा गया कि क्या भारत में कोरोना का सबसे बुरा दौर गुजर गया है तो इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हां ऐसा सोचा जा सकता है। इस वक्त पूरे भारत में तीन लाख एक्टिव केस हैं, कुछ महीने पहले हमारे पास 10 लाख कोरोना के एक्टिव केस थे, अगर 1 करोड़ कुल संक्रमित केसों की बात की जाए तो उसमें 95 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं। हमारा रिकवरी रेट सबसे अच्छा है लेकिन खतरा टला नहीं है ऐसे में सभी को सावधानी बरतने की अभी भी आवश्यकता है।
'हमने राज्य स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किया है'
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर पिछले 4 महीने से राज्य, जिला और प्रखंड स्तर पर तैयारियां कर रही है, हमने राज्य, जिला और ब्लॉक स्तरों पर टास्क फोर्स का गठन किया है। देश भर में हजारों मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित किए गए हैं। हमने राज्य स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किया है और लगभग 260 जिलों में 20,0 00 से अधिक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया है।












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