COVID-19 India 2025: भारत में कोरोना के एक्टिव केस 4000 पार, 24 घंटे में 5 मौतें, केरल-महाराष्ट्र बने हॉटस्पॉट
COVID-19 India 2025 Cases Update: देश में कोरोना वायरस एक बार फिर चिंता की वजह बनता जा रहा है। बीते 24 घंटे में 5 मौतें हो चुकी हैं, जबकि 65 नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से अब तक 37 मरीजों की मौत का कारण कोरोना का नया वेरिएंट बना है।
वहीं, कुल एक्टिव मरीजों की बात की जाए तो, गिनती लगातार बढ़ती नजर आ रही है। एक्टिव केसों की संख्या 4,026 दर्ज की गई है। गौर करने वाली बात यह है कि मई महीने के बाद से ही कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पिछले 4 दिनों में 31 मौतें हो चुकी हैं।

केरल-महाराष्ट्र बने हॉटस्पॉट
केरल और महाराष्ट्र सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं, जहां कुल मामलों का 50% से अधिक हिस्सा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो, अकेले केरल में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 1416 है। वहीं, मृतकों की संख्या 9 हो चुकी है। उधर, महाराष्ट्र ने मौतों के मामले में केरल को पछाड़ दिया है। अब मृतकों की संख्या महाराष्ट्र में 10 हो गई है।
आइए जानें राज्यवार COVID अपडेट (2 जून 2025):
Delhi Corona Case Update
- कुल एक्टिव- 393
- 24 घंटे में मिले मरीज- 90
- कुल मौतें - 4
Karnataka Corona Case Update
- कुल एक्टिव- 311
- 24 घंटे में मिले मरीज- 58
- कुल मौतें - 4
Kerala Corona Case Update
- कुल एक्टिव- 1416
- 24 घंटे में मिले मरीज- 19
- 24 घंटे में मौत- 1
- कुल मौतें - 9
Maharashtra Corona Case Update
- कुल एक्टिव- 494
- 24 घंटे में मिले मरीज- 12
- 24 घंटे में मौत- 2
- कुल मौतें - 10
Tamil Nadu Corona Case Update
- कुल एक्टिव- 215
- 24 घंटे में मिले मरीज- 26
- 24 घंटे में मौत- 1
- कुल मौतें - 3
क्या है डर की वजह?
- चार दिन में 31 मौतें
- कोविड पॉजिटिविटी रेट कई राज्यों में 15% से ऊपर
- कुछ मरीज ICU में भर्ती, भले ही गंभीरता कम हो
दिल्ली हाई कोर्ट भी सतर्क
दिल्ली हाई कोर्ट ने माना कि 'कोविड की अगली लहर खत्म नहीं हुई', और केंद्र सरकार से सैंपलिंग और SOP की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अदालत का कहना है कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नमूना संग्रह और टेस्टिंग की तैयारी पूरी हो।
सरकार का जवाब और तैयारियां
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि देश पूरी तरह से सतर्क है। पिछली लहर में जो ऑक्सीजन प्लांट, ICU बेड, आइसोलेशन वार्ड बने थे, उनकी समीक्षा हो चुकी है। दिल्ली के RML और सफदरजंग अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड फिर से एक्टिव कर दिए गए हैं। RML में 9 बेड वाला वार्ड तैयार हो चुका है।
अभी घबराने की जरूरत है या नहीं?
डॉक्टरों का कहना है कि अभी ज्यादातर केस हल्के लक्षणों वाले हैं - जैसे बुखार, गले में खराश, बदन दर्द। लेकिन सीनियर सिटीज़न, को-मॉर्बिड मरीज और बिना वैक्सीनेशन वाले लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
सतर्क रहें, लेकिन घबराएं नहीं
हालात भले ही अभी नियंत्रण में हैं, लेकिन तेज़ी से बढ़ते केस और लगातार हो रही मौतें इस बात का संकेत हैं कि हम लापरवाही नहीं कर सकते। मास्क, दूरी, और टेस्टिंग की आदत फिर से ज़रूरी हो चुकी है।












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