कोरोना वायरस: भारत में ओमिक्रॉन का खतरा टला नहीं, मिला इसका नया उप स्वरूप
कोरोना वायरस: भारत में ओमिक्रॉन का खतरा टला नहीं, मिला इसका नया उप स्वरूप
नई दिल्ली, 06 अगस्त: भारत में फिलहाल कोरोना वायरस का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा टला नहीं है। भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इन्साकॉग ) ने एक साप्ताहिक बैठक में वेरिएंट की जीनोमिक निगरानी के डेटा की समीक्षा की है। इस बैठक के बाद इन्साकॉग ने बताया कि ओमिक्रॉन का नया उप स्वरूप भारत में मिला है, जो देश के कुछ राज्यों में पाया गया है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि फिलहाल भारत में सिर्फ ओमिक्रॉन का नया उप स्वरूप ही है। इसका अलावा इसका कोई वैरिएंट नहीं है।

सूत्रों ने कहा है कि भारत में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन अस्पताल में भर्ती होने और मौतें अभी भी कम हैं। सूत्रों ने कहा, "हम हर हफ्ते डेटा की समीक्षा करते हैं, लेकिन घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि अस्पताल में भर्ती लोग नहीं हो रहे हैं। वहीं अब तक कोई नया वैरिएंट नहीं मिला है।
बता दें कि इन्साकॉग जल्द ही ओमिक्रॉन के नए उप स्वरूप को लेकर एक बुलेटिन जारी करेगा। इन्साकॉग द्वारा 11 जुलाई को जारी बुलेटिन के अनुसार ओमिक्रॉन और इसके उप स्वरूप भारत में प्रमुख रूप से देखा जा रहा है। भारत में फिलहाल ओमिक्रॉन का जो नया उप स्वरूप है, वो BA.2.75 सब-वेरिएंट है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि BA.2.75 सब-वेरिएंट ने स्पाइक प्रोटीन और SARS-CoV-2 के अन्य जीनों में अधिक उत्परिवर्तन किया है। यह भी उल्लेख किया है कि वेरिएंट की बारीकी से निगरानी की जा रही है।
नेशनल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के कोविड-19 टास्क फोर्स के सह-अध्यक्ष डॉ राजीव जयदेवन ने कहा, "कोविड-19 कई अन्य वायरस की तरह चक्रीय वायरल बीमारी है। ओमिक्रॉन के नए उप स्वरूप उसी के पुराने संस्करणों द्वारा उत्पन्न प्रतिरक्षा को पीछे छोड़ने में सक्षम हैं।''












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