Covaxin को करना होगा इंतजार, WHO से नहीं मिली मंजूरी, भारत बायोटेक से मांगी गई अतिरिक्त जानकारी
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर। कोरोना वायरस के खिलाफ भारत में इस्तेमाल की जा रही भारत बायोटेक द्वारा निर्मित वैक्सीन कोवैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से मंजूरी के लिए फिलहाल और इंतजार करना पड़ेगा। मंगलवार को आशंका जताई जा रही थी कि डब्ल्यूएचओ केवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दे देगा लेकिन संस्था की तरफ से टीके को लेकर निर्माता भारत बायोटेक से अतरिक्ट स्पष्टीकरण मांगा है। 26 अक्टूबर को डब्ल्यूएचओ की तकनीकी सलाहकार समिति ने कोवाक्सिन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने के लिए समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया।
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बता दें कि भारत में हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी ने अपनी विकसित की गई वैक्सीन कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग सूची (ईयूएल) में शामिल करने के लिए इस साल 19 अप्रैल को डब्ल्यूएचओ को ईओआई पेश की थी। हालांकि इतने महीने बाद भी अब तक टीके को विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से मंजूरी नहीं मिल पाई है। मंगलवार को हुई बैठक में कोवाक्सिन को लेकर किए गए परीक्षणों के संबंध में निर्माता कंपनी से अतिरिक्ट जानकारियां मांगी गई हैं। अब अगली बैठक 3 नंबर को होगी।
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न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक वैक्सीन पर बोलते हुए डब्ल्यूएचओ ने कहा, 'आपातकालीन उपयोग सूची में शामिल करने के लिए तकनीकी सलाहकार समूह ने निर्णय लिया है कि वैक्सीन के वैश्विक उपयोग के लिए अंतिम ईयूएल 'जोखिम-लाभ मूल्यांकन' करने के वास्ते भारत बायोटेक कंपनी से वैक्सीन को लेकर अतिरिक्त जानकारी का आवश्यकता है।' उम्मीद की जा रही है कि टीएजी एक्सपर्ट्स को इस सप्ताह के अंत तक भारत बायोटेक से अतिरिक्त जानकारी मिल जाएगी। बुधवार, 3 नवंबर को अंतिम जोखिम-लाभ मूल्यांकन के लिए फिर बैठक होगी। बता दें कि इससे पहले भी डब्ल्यूएचओ कोवैक्सीन को लेकर कई बार भारत बायोटेक से जानकारी मांग चुका है।












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