अपने वतन लौट सकेंगे तबलीगी जमात के 35 विदेशी सदस्य, कोर्ट ने दिए पासपोर्ट जारी करने के आदेश
नई दिल्ली। निजामुद्दीन मरकज मामले में दिल्ली की एक अदालत ने 35 तबलीगी जमात के सदस्यों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने सभी के पासपोर्ट जारी करने के आदेश दिए हैं, जिसे पिछले साल कोरोना वायरस संकट के दौरान जब्त कर लिया गया था। बता दें कि ये सभी 35 सदस्य वो हैं जिन्हें निजामुद्दीन मरकज मामले में बरी कर दिया गया है। पिछले वर्ष दिसंबर, 2020 में मामले की सुनवाई के दौरान चीफ मेट्रोपोलिटन मैजिस्ट्रेट अरुण कुमार गर्ग ने 14 देशों के विदेशियों को आरोपों से बरी कर दिया था।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने मार्च, 2020 में देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी। उसी दौरान कोविड महामारी दिशा-निर्देश का पालन नहीं करने के आरोप में कथित तौर पर तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कई लोगों पर कानूनी कार्रवाई की गई थी। इस मामले में 14 देशों के विदेशी नागरिकों को कोर्ट ने पहले ही आरोप मुक्त कर दिया था, अब शनिवार, 20 फरवरी को उनके पासपोर्ट जारी करने के आदेश दिए गए हैं।
तबलीगी जमात सदस्यों पर आपदा प्रबंधन कानून, 2005 की धारा 51 के तहत आरोप तय किए गए थे। दिसंबर में इस मामले पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने आईपीसी की धारा 270 (संक्रमण फैलाने के लिए लापरवाही भरा काम करना), धारा 271 (पृथकवास के नियमों को नहीं मानना) और विदेशी कानून की धारा 14 (एक) (बी)(वीजा नियमों का उल्लंघन) के तहत 35 विदेशी नागरिकों को बरी कर दिया था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने ठोस सबूत नहीं मिलने पर विदेशी नागरिकों को आरोपमुक्त कर दिया था, उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की गई थी। मार्च,2020 में राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन क्षेत्र में आयोजित तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में भाग लेने वाले भारत कुल 3,500 विदेशी सदस्य आए थे।
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