आया 15 अगस्त- स्कूलों में टायलेट बनाने में फेल कंपनियां
नई दिल्ली( विवेक शुक्ला) सरकारी क्षेत्र के उपक्रम एनटीपीसी ने सरकार के सामने वादा किया था कि उसकी तरफ से 15 अगस्त, 2016 तक 25 हजार स्कूलों में टायलेट बना दिए जाएंगे। पर एनटीपीसी जुलाई 2015 तक 9,664 टायलेट बना पाई। अब कोल इंडिया का हाल सुन लीजिए। उसने 50 हजार टायलेट बनाने का वादा किया था। बनाए करीब 16 हजार।
इंफोसिस का वादा
देश की प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस ने 254 टायलेट बनाने का वादा किया था। बनाए मात्र 5। उद्योग तथा वाणिज्य संघ सीआईआई ने 138 का वादा किया। बनाए 23। फिक्की ने 119 का वादा किया। बनाया एक भी नहीं। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हमारे देश के बड़े घराने अपने वादे निभाने में कितने गंभीर हैं।
स्कूलों में टायलेट
हालांकि देश अपने अगले स्वाधीनता दिवस को मनाने की तैयारी में जुटने लगा है, पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देश के कोरपोरेट घरानों को स्कूलों में टायलेट का निर्माण करने का जो आहवान किया गया था, उस पर सही तरीके से काम नहीं हो रहा।
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मोदी सरकार ने देश के सभी स्कूलों में टायलेट बनाने का आहवान किया था। उसके बाद बहुत से निजी तथा प्राइवेट क्षेत्र की कंपनियों ने वादे किए थे कि वे देश के विभिन्न भागों के स्कूलों में टायलेट बनाएंगे।
एक वरिष्ठ सरकारी अफसर ने कहा कि कायदे से देखा जाए तो जिन कंपनियों ने वादे किए थे टायलेट के निर्माण की बाबत उनसे पूछा जाना चाहिए कि वे अपने वादे को निभाने में फेल क्यों हुईं।













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