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नदियों में बहते शव और सूने पड़े खेत-खलिहान दे रहे गांवों में कोरोना के प्रकोप की गवाही: रिपोर्ट

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नई दिल्ली, 18 मई। कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर अब गांवों में भी देखने को मिल रहा है। चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं से दूर कई गांव में एक-एक घर से तीन लोगों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं। अधिकांश गांवों में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए लोगों के पास कोई रास्ता नहीं है। नई दिल्ली से करीब डेढ़ घंटे की दूरी पर स्थित बसी गांव के लगभग 5,400 लोगों में से करीब तीन-चौथाई लोग बीमार हैं और पिछले तीन हफ्तों में 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

गांव के लोग कैसे करें मदद की अपील

गांव के लोग कैसे करें मदद की अपील

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक देश के बड़े शहरों को अपनी चपेट में लेगे के बाद अब वायरस देश की दूसरी सबसे बड़ी आबादी ग्रामीण इलाकों को तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के करीब बसी गांव में कोरोना का विनाशकारी तांडव देखने को मिला है। चिंताजनक बात यह है कि यहां कोई स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं नहीं हैं, कोई डॉक्टर नहीं है और कोई ऑक्सीजन कंटेनर है। विडंबना तो यह है कि कोरोना काल में जहां सोशल-मीडिया साक्षर शहरी आबादी लोगों से मदद मांग लेती थी वहीं, गांव के लोग ट्विटर पर अपील भी नहीं कर सकते।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो जाती है मौत

अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो जाती है मौत

कृषि समुदाय के नवनिर्वाचित प्रमुख संजीव कुमार ने कहा, 'गांव में अधिकांश मौतें इसलिए हुई हैं क्योंकि ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं थी। बीमारों को जिला मुख्यालय ले जाया जा रहा है और गंभीर रोगियों को लगभग चार घंटे यात्रा करनी पड़ती है। कई लोग समय पर पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं।' सिर्फ बसी ही नहीं यही हालत लगभग देश के सभी गावों में है। देश के विभिन्न हिस्सों में 18 से अधिक कस्बों और गांवों के प्रतिनिधियों ने ऐसी स्थिति की गवाही दी है।

नदी में बहते शव और सूने पड़े खेत

नदी में बहते शव और सूने पड़े खेत

गंगा नदी में बहते शवों से लेकर श्रमिकों की कमी के चलते खाली पड़े खेत इस बात की गवाही देते हैं कि कोरोना ने गांवों में कई परिवारों को खत्म कर दिया है। कई लोगों ने कहा कि कोरोना के असल आंकड़े सरकारी रिकॉर्ड से कहीं अधिक है। बुखार की हालत में भी ग्रामीण अपने घरों को छोड़ने से डरते है। वहीं स्थानीय अधिकारी वायरस से होने वाली मौतों को ठीक से रिकॉर्ड करने में विफल रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत ने मंगलवार को रिकॉर्ड 4,329 मौतें हुईं जिसके बाद कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 25 मिलियन से अधिक हो चुका है।

यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश सरकार का फैसला : कोरोना से जान गंवाने वाले सरकारी कर्मचारियों के परिजनों को देगी नौकरी

English summary
Coronavirus outbreak in rural areas Hospitals and oxygen are not for people
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