कोरोना की नेजल वैक्सीन को मंजूरी: डोज, रजिस्ट्रेशन, कहां और कैसे मिलेगा? जानिए सबकुछ?
स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने कहा कि भारत में बायोटेक नेजल वैक्सीन को बूस्टर डोज के तौर पर मंजूरी दी गई है। बायोटेक की इंट्रानेजल कोविड वैक्सीन निजी केंद्रों में उपलब्ध होगी। शुक्रवार शाम CoWIN पर पेश की जाएगी।

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कोरोना वायरस महामारी के बढ़ने की आशंकाओं के बीच भारत सरकार ने कोविड-19 के लिए नेजल वैक्सीन (नाक से दी जाने वाली वैक्सीन) को मंजूरी दे दी है। भारत बायोटेक के इंट्रानैसल (नेजल) कोविड वैक्सीन को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए बूस्टर खुराक के रूप में मंजूरी दी है। जिन लोगों ने कोविशिल्ड और कोवैक्सिन पहले से ली है, वे हेट्रोलॉगस बूस्टर डोज के रूप में नेजल वैक्सीन ले सकते हैं। प्राइवेट अस्पतालों में नेजल वैक्सीन शुक्रवार (23 दिसंबर) से दी जा रही है। नेजल कोरोना वैक्सीन भारत में जारी कोरोना वैक्सीनेशन अभियान का हिस्सा होगा। नेजल वैक्सीन को लेकर डोज कैसे लेना है, रजिस्ट्रेशन कैसे होगा, कहां मिलेगा... आइए जानें सबकुछ?

सबसे पहले जानिए कि नेजल वैक्सीन क्या है?
भारत बायोटेक का ये नेजल वैक्सीन यानी इंट्रानैसल वैक्सीन नाक के जरिए लगाया जाएगा। फार्मास्यूटिकल्स को विनियमित करने वाली भारतीय सरकारी एजेंसी ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने 6 सितंबर को तत्काल स्थितियों के लिए नेजल वैक्सीन को मंजूरी दी थी। नेजल वैक्सीन सिर्फ 18 वर्ष से अधिक आयु वालों को लगाया जाएगा। संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत बायोटेक और वाशिंगटन विश्वविद्यालय ने इस टीके को विकसित करने के लिए सपोर्ट किया था। भारत में नेजल वैक्सीन बूस्टर शॉट के रूप में दिया जाएगा।

कितना सुरक्षित है नेजल वैक्सीन?
BBV154 या INCOVACC नेजल वैक्सीन कैसे असर करता है, इसको दिखाने के लिए ट्रायल में इसके तीन चरण दिखाए गए हैं। कंपनी के पहले ट्रायल चरण में 175 लोगों ने हिस्सा लिया था और ट्रायल चरण-2 में 200 अध्ययन प्रतिभागी शामिल हुए थे। ट्रायल फेज-3 के लिए दो रणनीतियों को नियोजित किया गया था। कंपनी को लगता है कि कोरोना टीकाकरण का ट्रायल सफल रहा। फर्म के मुताबिक, इस टीकाकरण से लोगों के ऊपरी श्वसन तंत्र में कोरोना प्रतिरोधक क्षमता पैदा हुई है। इससे बीमारी कम हुई है और प्रसार भी रूकता है।

नेजल वैक्सीन अन्य वैक्सीन से कैसे अलग है?
फिलहाल, भारत में दिए जाने वाले सभी टीके इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन हैं। ये वैक्सीन लिक्विड रूप में आते हैं और बांह में इंजेक्ट किए जाते हैं। जबकि नेजल वैक्सीन नाक में सीधे जाली जाएगी। मांसपेशियों में इंजेक्शन लगाने के बजाय नाक के माध्यम से टीकाकरण को आजकल ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है। वैक्सीनेशन हाथ में इंजेक्ट होने पर फेफड़ों को संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है। नेजल वैक्सीन को दो अलग-अलग डोज में दिया जाएगा। पहली और दूसरी डोज के बीच चार सप्ताह यानी एक महीने का अंतराल होगा। हर डोज के दौरान चार बूंदें नाक में डाली जाती हैं।

कैसे होगी रजिस्ट्रेशन?
नेजल वैक्सीन फिलहाल प्राइवेट अस्पताल और निजी केंद्रों पर ही मौजूद होगा। सूत्रों ने कहा कि ये आज से यानी 23 दिसंबर नेजल वैक्सीन को-विन प्लेटफॉर्म पर पेश किया जाएगा। नेजल वैक्सीन के लिए आप कोविन ऐप पर ही रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। आप सीधे तौर पर प्राइवेट अस्पताल में भी जाकर डोज ले सकते हैं।

नेजल वैक्सीन किसे लग सकता है?
नेजल वैक्सीन, जैसा कि पहले बताया गया था, केवल बूस्टर डोद के तौर पर ही दिया जाएगा। ऐसे में यह टीकाकरण केवल उन्हीं लोगों को लगाया जाएगा, जिन्हें पहले से ही दो खुराकें लग चुकी हैं। CoWIN साइट से पता चलता है कि 95.10 करोड़ से अधिक व्यक्तियों ने दो बार से अधिक वैक्सीन ली है। इसे सिर्फ 18 साल से अधिक उम्र के लोग ही लगा सकते हैं।












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