कोरोना की दूसरी लहर हो सकती है पहली से ज्यादा खतरनाक, विशेषज्ञों ने कहा- संभल जाने की जरूरत
नई दिल्ली। भारत में बीते 20-25 दिनों में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में काफी तेजी आई थी। इस महीने, मार्च के शुरुआत तक 24 घंटे में कोरोना के नए मामलों की संख्य दस हजार से भी कम हो गई थी जो अब 50 हजार के ऊपर चली गई है। नए मामलों में इस बढोतरी को कई विशेषज्ञ कोरोना की दूसरी लहर मान रहे हैं। साथ ये भी कह रहे हैं कि ये पहली लहर जो बीते साल जुलाई के आसपास चरम पर थी, उससे भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है।

महामारी विशेषज्ञ डॉ. गिरिधर बाबू ने रीप्रोडक्शन नंबर (आरओ) के आधार पर बताया है कि कैसे कोरोना की ये लहर ज्यादा नुकसानदेह साबित हो सकती है। डॉ गिरिधर का कहना है कि 19 राज्यों में आरओ एक से ज्यादा है। 7 मार्च को आरओ 1.23 था जो अब 1.65 है, जो कि अच्छा संकेत नहीं है। उनका कहना है कि ये तेजी बताती है कि हालात बिगड़ने वाले हैं। ऐसे में जरूरी है कि सभी एहतियात की जाए। उन्होंने यूके के वेरिएंट के मामले पाए जाने को लेकर भी चिंता जताई है। गिरिधर बाबू का कहना है कि दो चीजों पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, इसमें एक तो भीड़ के इकट्ठा होने पर पाबंदी और दूसरा टीकाकरण को तेज करना।
लगातार बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले
शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो आंकड़ा जारी किया है। उसके मुताबित, बीते 24 घंटे में देश में कोरोना वायरस के 62,258 नए मामले सामने आए हैं। इस साल, यानी 2021 में एक दिन में सामने आए यह सर्वाधिक मामले हैं। इससे पहले 26 मार्च को देशभर में 59,118 नए मरीज सामने आए थे। वहीं इससे पहले 18 अक्टूबर 2020 एक दिन में संक्रमण के 61,871 नए मामले सामने आए थे। देश में एक्टिव केसों की संख्या अब साढ़े चार लाख के पार हो गई है, जो कि फरवरी में दो लाख के नीचे आ गई थी।












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