Coronavirus effect: कोरोना का खौफ, गृह मंत्रालय ने करतारपुर साहिब यात्रा पर लगाई रोक, रजिस्ट्रेशन भी बंद
नई दिल्ली। दुनिया भर में कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की संख्या 1 लाख 51 हजार 760 हो गई है, ये जानलेवा वायरस अब तक 137 देशों में फैल चुका है और इसकी चपेट में आकर 5764 लोगों की मौत हो चुकी है, चीन में इस बीमारी से 3189 लोगों की मौत हो चुकी है, तो वहीं भारत में भी कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 90 के पार हो गई है। अब तक इस वायरस की चपेट में आने की वजह से 2 लोगों की मौत भी हो गई है।

भारत सरकार ने श्री करतारपुर साहिब यात्रा पर लगाई रोक
गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए एहतियातन पाकिस्तान स्थित श्री करतारपुर साहिब के लिए यात्रा और रजिस्ट्रेशन को, 16 मार्च 2020 से अगले निर्देश मिलने तक अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

आस्था का मानक है करतारपुर में स्थित दरबार साहिब
मालूम हो कि पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित दरबार साहिब गुरुद्वारे में गुरुनानक देव ने अपनी जिंदगी के अंतिम क्षण बिताए थे। सन् 1947 में जब भारत और पाकिस्तान के बीच बंटवारा हुआ तो यह जगह पाकिस्तान के हिस्से चली गई थीं। बता दें कि सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव ने करतारपुर की स्थापना सन् 1504 में की थी। रावी नदी के तट पर मौजूद यह गुरुद्वारा सिख धर्म की पहचान बना। सन् 1539 में उनकी मृत्यु के बाद हिंदू और मुसलमान दोनों धर्मों के लोगों ने गुरुनानक जी को अपने धर्म से जुड़ा हुआ बताया और उनकी याद में एक समाधि भी बनाई।

डेरा बाबा नानक
रावी नदी के बहाव में वह समाधि तो बह गई और जब दोनों देशों का बंटवारा हुआ तो रावी नदी के दायीं तरफ शकर गढ़ तहसील में रैडक्लिफ रेखा आ गई। इस सीमा की वजह से रावी नदी के दायीं तरफ स्थित शकरगढ़ जिसमें करतारपुर भी आता था उसे पाक को सौंप दिया। रावी नदी के बायीं तरफ का हिस्सा भारत को मिला जिसमें गुरदासपुर आया और जहां पर डेरा बाबा नानक है।
पाकिस्तान समेत पांच पड़ोसी देशों के बार्डर सील
गौरतलब है कि भारत सरकार कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए COVID-19 को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया है।केंद्र सरकार ने विदेशों से आने वाले कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पाकिस्तान समेत पांच पड़ोसी देशों के साथ लगे बॉर्डर को सील करने का आदेश जारी कर दिया है।












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