COVID-19: इलाज के लिए नदी में तैरकर बांग्लादेश से असम आ पहुंचा एक मरीज
नई दिल्ली- हमनें दो दिन पहले ही एक रिपोर्ट बताई थी कि बांग्लादेश में कोरोना वायरस से जंग लड़ने में कितनी दिक्कतें हो रही हैं। संसाधन में कमी की वजह से वहां मरीजों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार सुबह कोविड-19 का एक कथित मरीज अपना बेहतर इलाज कराने के लिए नदी और अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार कर असम के करीमगंज जिले में पहुंच गया। जब सीमा के आसपास के गांव वालों की उसपर नजर पड़ी और उसने बताया कि वह कोरोना से संक्रमित है तो लोगों में हड़कंप मच गया। फिर बीएसएफ के लोग आए और उस बांग्लादेशी नागरिक को अपनी गिरफ्त में ले लिया।

कोरोना का इलाज कराने नदी तैरकर भारत पहुंचा बांग्लादेशी
असम के करीमगंज जिले में कई गांवों में एक खबर सुनने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। रविवार को एक बांग्लादेशी नागरिक कोरोना वायरस का मरीज होने का दावा करते हुए दोनों देशों की बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा में पड़ने वाली कुशियारा नदी को पार करके इलाज कराने के इरादे से असम के करीमगंज जिला पहुंच गया। ये जानकारी सीमा सुरक्षा बल ने दी है। सिलचर में बीएसएफ के प्रवक्ता और डीआईजी जेसी नायक ने बताया कि 'बांग्लादेश नागरिक कुशियारा नदी तैरकर पार कर गया जो दोनों देशों की सीमाओं के बीच में है और रविवार सुबह करीब 7.30 बजे भीरतीय सीमा में दाखिल हुआ। जब भारत की तरफ के गांव वालों ने उसे देखा तो उन्होंने उसे वहीं रोक दिया और हमें सूचना दी।' सिलचर करीमगंज से 53 किलोमीटर पूरब है।

बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के लोग वापस ले गए
भारत में नदी पार करके दाखिल होने वाले 30 साल के बांग्लादेशी की पहचान अब्दुल हक के तौर पर की गई है, जो बांग्लादेश के सुनामगंज जिले का रहने वाला बताया जाता है। वह जिस इलाके में पहुंचा था, वह मुबारकपुर का इलाका है और करीमगंज शहर से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर है। बड़ी बात ये है कि इस इलाके में दोनों देशों के बीच फेंसिंग भी नहीं की गई है और उसी का फायदा उठाकर वह बांग्लादेश भारतीय सीमा में घुस पाया। डीआईजी नायक ने कहा, 'उस शख्स को बुखार था, देखने में अस्वस्थ नजर आ रहा था और ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था। वह दावा कर रहा था कि वह कोविड-19 से संक्रमित है और भारत में इलाज कराने के लिए नदी पार करके आया है। ' बीएसएफ के अधिकारियों ने फौरन ही इसकी सूचना सीमा पार बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड्स के अधिकारियों को दी। सुबह 9 बजे के करीब बांग्लादेश के अधिकारी दो बोट में भारत की ओर आए और उसे अपने देश वापस लेकर चले गए।

बांग्लादेशी कोविड-19 पॉजिटिव था ? इसकी पुष्टि नहीं
बीएसएफ डीआईजी के मुताबिक कुशियारा नदी में मानसून के समय कई बार बाढ़ आ जाती है। लेकिन इस वक्त पानी का स्तर बहुत ही कम है और जो तैरना जानता है, वह बिना किसी खास परेशानी के इसे पार कर सकता है। अब्दुल हक की बीमारी के बारे में उन्होंने बताया कि 'हमें इसका कोई आइडिया नहीं है कि वह कोविड-19 पॉजिटिव था या नहीं, लेकिन यह साफ है कि वह स्वस्थ नहीं था। कोरोना वायरस के डर से भारत के गांव वाले उसके नजदीक जाने से डर रहे थे। सिर्फ टेस्ट से ही पता चल सकता है कि उसकी स्थिति कैसी है।'

बिना फेंसिंग वाले इलाके में हुई घुसपैठ
बीएसएफ ने बताया कि कोरोना वायरस के मद्देनजर उसने सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है, ताकि कोई भी बांग्लादेश से भारत में घुसपैठ न कर सके। लेकिन, ये घटना इसलिए हो गई क्योंकि उस इलाके में फेंसिंग नहीं है। हालांकि, सीमा सुरक्षा बल ने इलाके में जागरुकता अभियान चला रखा है, इसी वजह से गांव वालों ने संदिग्ध को देखते ही बीएसएफ को अलर्ट कर दिया और उस शख्स को वापस बांग्लादेश के हवाले किया जा सका।
(तस्वीरें प्रतीकात्मक और फाइल)












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