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कोरोना संकटः अमेरिका ने ईरान परमाणु प्रतिबंधों में छूट को 60 दिनों के लिए विस्तार दिया

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने सोमवार को ईरान को परमाणु सहयोग प्रतिबंधों में मिली छूट में विस्तार की घोषणा की है। इससे रूस, चीन और यूरोप की कंपनियों को अब ईरानी परमाणु सहयोग पर अपना काम जारी रखने की एक तरह से अनुमति मिल गई है। विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने प्रतिबंध में छूट विस्तार पर हस्ताक्षर के साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि ईरान के परमाणु कार्य पर प्रतिबंध अभी भी जारी है।

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हालांकि मामले के जानकार तात्कालिक और पूर्व अधिकारियों ने कहना है कि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पेओ ने पहले छूट देने का विरोध किया था, जो 2015 के ईरान परमाणु समझौते के कुछ शेष घटकों में से हैं, जिन्हें प्रशासन ने रद्द नहीं किया था। द एसोसिएटेड प्रेस (एपी) से बातचीत में अधिकारियों ने बताया कि ट्रेजरी सचिव स्टीवन मेनुचिन ने पिछले सप्ताह इस विषय पर एक आंतरिक बहस में हिस्सा लिया था।

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नाम न छापने की शर्त पर एपी से बात करते हुए अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंध छूट में विस्तार के लिए ट्रेजरी सचिव मन्नुचिन ने कथित तौर पर तर्क दिया था कि कोरोनो वायरस महामारी से ईरान को मिली छूट अप्रभावी हो गई हैं, क्योंकि ईरान कोरोना वायरस से बुरी तरह त्रस्त है।

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बावजूद इसके प्रकोप से निपटने के लिए प्रतिबंधों में ढील देने से प्रशासन ने इनकार कर दिया था तो उसकी आलोचना की जा रही थी। मालूम हो, अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से अमेरिकी प्रशासन के निर्णय पर चर्चा करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया था।

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गौरतलब है रॉयटर्स ने पहले ही खबर दी थी कि ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन से गैर-अमेरिकी फर्मों पर प्रतिबंध लगाने वाले प्रतिबंधों में मिली छूट का नवीनीकरण सोमवार को संभव है। एजेंसी ने यह कयास एक अमेरिकी अधिकारी समेत मामले से परिचित चार स्रोतों का हवाला देते हुए लगाया गया था।

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इनमें, यहूदी समाचार सिंडिकेट और इज़राइल और यहूदी दुनिया पर ध्यान केंद्रित एक समाचार आउटलेट ने परिचित दो स्रोतों का हवाला देते हुए मुख्य रूप से अपनी पहली रिपोर्ट में कहा था कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान परमाणु सहयोग प्रतिबंधों में मिली छूट का नवीनीकरण कर सकता है।

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उल्लेखनीय है ट्रम्प प्रशासन वर्ष 2018 में 2015 के ईरान परमाणु समझौते से हट गई थी और ईरान पर प्रतिबंधों को फिर से लागू कर दिया था और ईरान में अन्य परमाणु सुविधाओं के साथ अराक भारी जल शोध रिएक्टर, बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र, तेहरान रिसर्च रिएक्टर में अप्रसार कार्य जारी रखने की अनुमति अमेरिका देगा।

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ईरान को प्रतिबंधों से मिली है 60 दिन की छूट

ईरान को प्रतिबंधों से मिली है 60 दिन की छूट

अमेरिकी ने अपने "अधिकतम दबाव" अभियान के तहत ईरान परमाणु समझौते के तहत न केवल प्रतिबंधों को बहाल किया है, बल्कि ईरान को उसकी परमाणु, मिसाइल और क्षेत्रीय गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए बाध्य किया है। हालांकि ट्रम्प प्रशासन द्वारा ईरान के साथ अप्रसार कार्य से संबंधित प्रतिबंधों को इस तर्क पर दोहराया गया है कि इस तरह की परियोजनाएं ईरान के परमाणु कार्यक्रम को हथियार बनाने में कम सक्षम बनाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टगस ने एक बयान में कहा, "हम ईरान के परमाणु कार्यक्रम के सभी घटनाक्रमों पर कड़ी निगरानी रखेंगे और किसी भी समय इन प्रतिबंधों को समायोजित कर सकते हैं।" बयान के अनुसार, 60 दिनों के लिए छूट दी गई थी।

अमेरिकी प्रतिबंधों से महामारी से निपटने में ईरान को मुश्किल आ रही थी

अमेरिकी प्रतिबंधों से महामारी से निपटने में ईरान को मुश्किल आ रही थी

तेहरान के प्रति वाशिंगटन की समग्र नीति को विरोधियों और ईरानी अधिकारियों की बढ़ती आलोचना का सामना करना पड़ा है, जिसमें कहा गया है कि अमेरिकी प्रतिबंधों से कोरोनो वायरस प्रकोप से निपटने के देश के प्रयासों में बाधा आ रही है। ईरान में अब तक कोरोना वायरस ने 2,460 ईरानियों की जान ले ली है, जहां लगभग 40,000 से अधिक लोग संक्रमित हैं। इस संबंध में ईरानी अधिकारियों ने अन्य देशों और संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया था कि अमेरिका से प्रतिबंधों को उठाने के लिए कहा जाए।

वाशिंगटन ने ईरान से किसी भी प्रतिबंध को उठाने से इनकार किया है

वाशिंगटन ने ईरान से किसी भी प्रतिबंध को उठाने से इनकार किया है

वाशिंगटन ने अब तक किसी भी प्रतिबंध को उठाने से इनकार किया है और अपने दबाव अभियान को भी बढ़ा दिया है। पिछले सप्ताह ही अमेरिका ने "आतंकवादी समूहों" के कथित समर्थन के लिए ईरान और इराक की पांच कंपनियों और 15 व्यक्तियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। पिछले दो सप्ताह में ईरान पर प्रतिबंधों का तीसरा दौर था।

वर्ष 2015 में ईरान और छह विश्व शक्तियों के बीच हुए समझौते!

वर्ष 2015 में ईरान और छह विश्व शक्तियों के बीच हुए समझौते!

ईरान और छह विश्व शक्तियों (ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका) के बीच वर्ष 2015 में हुए समझौते के तहत तेहरान ने ईरानी अर्थव्यवस्था को पंगु बनाने वाले प्रतिबंधों के उठाने के बदले में अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर सहमति जताई थी। हालांकि तेहरान लंबे समय से पश्चिमी दावे को खारिज करती आई है कि उसने परमाणु हथियार विकसित करने की मांग की है।

अमेरिका से प्रतिबंधों को उठाने के लिए संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया गया था

अमेरिका से प्रतिबंधों को उठाने के लिए संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया गया था

इस संबंध में ईरानी अधिकारियों ने अन्य देशों और संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया था कि अमेरिका से प्रतिबंधों को उठाने के लिए कहा जाए। ईरान में अब तक कोरोना वायरस ने 2,460 ईरानियों की जान ले ली है, जहां लगभग 40,000 से अधिक लोग संक्रमित हैं।

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English summary
Immediate and former officials familiar with the case say US Secretary of State Mike Pompeo previously opposed the waiver, which is among the few remaining components of the 2015 Iran nuclear deal that the administration did not rescind. In an interaction with The Associated Press (AP), officials said that Treasury Secretary Steven Menuchin took part in an internal debate on the subject last week.
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