ठेकेदार सुसाइड केस: कर्नाटक के पूर्व मंत्री केएस ईश्वरप्पा को क्लिनचिट, पुलिस को नहीं मिले सबूत
नई दिल्ली, 20 जुलाई: कर्नाटक के पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता केएस ईश्वरप्पा को बड़ी राहत मिली है, जहां उन्हें ठेकेदार की आत्महत्या के मामले में बरी कर दिया गया। इस केस की वजह से उन्हें मंत्री पद से भी हटना पड़ा था, क्योंकि ठेकेदार ने व्हाट्सएप मैसेज में अपनी मौत के लिए पूरी तरह से केएस ईश्वरप्पा को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि विपक्षी दल लगातार इस फैसले को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

मामले में कर्नाटक पुलिस ने कहा कि 12 अप्रैल को संतोष पाटिल ने सुसाइड कर लिया था। इस मामले की उन्होंने जांच की, लेकिन ज्यादा सबूत नहीं मिल पाए। अब सबूतों की कमी के कारण पूर्व मंत्री को इस मामले में बरी कर दिया गया है। इसको लेकर उडुपी पुलिस ने पब्लिक रिप्रंजेटेटिव कोर्ट में रिपोर्ट भी फाइल कर दी।
लगाया था ये आरोप
दरअसल ईश्वरप्पा के पास बतौर मंत्री पंचायती राज विभाग का जिम्मा था। सुसाइड करने वाले ठेकेदार संतोष पाटिल ने अपने आरोप में कहा था कि उन्होंने आरडीपीआर विभाग में काम किया था। वो काम 4 करोड़ का था, लेकिन उनका भुगतान नहीं हुआ। उन्होंने पहले पत्नी के गहने बेचकर कर्ज भरा, लेकिन मंत्री 4 करोड़ के काम में 40 प्रतिशत की कमीशन मांग रहे थे। उनके पास जब कोई रास्ता नहीं बचा, तो उन्होंने ये कदम उठाया। बाद में उडुपी के एक निजी लॉज में उनका शव मिला।
मंत्री ने कही थी ये बात
वहीं घटना के बाद बीजेपी और कर्नाटक सरकार बैकफुट पर आ गई थी। जिस पर पार्टी की साख बचाने के लिए ईश्वरप्पा से इस्तीफा लिया गया। इस्तीफा देने के बाद भी ईश्वरप्पा लगातार आरोपों से इनकार करते रहे। उन्होंने कहा था कि उनके समर्थक चिंता ना करें, वो जल्द ही लौटकर आएंगे। वो पार्टी और अपने वरिष्ठ लोगों को परेशानी में नहीं डालना चाहते, इस वजह से उन्होंने इस्तीफा दिया।
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