होटल बुक करने से पहले सावधान! Fake Google Listing की शिकार बनी युवती, करा बैठी बैंक अकाउंट खाली!
Fake Google Listing: इंटरनेट पर भरोसा करना आजकल महंगा साबित हो सकता है, खासकर जब धोखेबाज हर कोने में छिपे बैठे हों! कोलकाता की कंटेंट क्रिएटर श्रेया मित्रा (Content creator Shreya Mitra) को पुरी घूमने जाना था, लेकिन उनका ट्रिप शुरू होने से पहले ही एक ऑनलाइन स्कैम उनका स्वागत कर चुका था। जिसका खेल गूगल सर्च से शुरू हुआ था।
श्रेया ने पुरी के मशहूर "मेफेयर हेरिटेज होटल" में ठहरने के लिए गूगल पर खोजबीन की। उन्हें तुरंत एक वेबसाइट मिली, जो देखने में एकदम असली लग रही थी। भरोसेमंद दिखने वाले नंबर पर कॉल किया, और सामने से बेहद प्रोफेशनल अंदाज में होटल बुकिंग की बात की गई। कमरे की शानदार तस्वीरें, डिस्काउंट ऑफर और बढ़िया सुविधाओं की लिस्ट देखकर श्रेया को कोई शक भी नहीं हुआ।

पैसे दिए, इनवॉइस भी मिली... लेकिन!
बुकिंग कन्फर्म करने के लिए स्कैमर्स ने उनसे 93,600 रुपए मांगे। इनवॉइस भी भेजी गई, लेकिन जब श्रेया ने ईमेल पर पुष्टि करने की बात कही, तो जवाब आया-"सिस्टम आउटेज चल रहा है, थोड़ी देर में मिल जाएगा!"
अगली सुबह ठगों का फिर से फोन आया। उन्होंने श्रेया से Google Pay ऐप खोलने और एक बुकिंग आईडी डालकर पेमेंट को 'कन्फर्म' करने को कहा। बस यहीं श्रेया को कुछ गड़बड़ लगी। उन्होंने ईमेल वेरिफिकेशन की दोबारा मांग की, तो सामने से अचानक फोन काट दिया गया।
होटल से सच्चाई सामने आई
शक बढ़ने पर श्रेया ने होटल के ऑफिशियल नंबर से संपर्क किया और सच्चाई सामने आ गई-जिस वेबसाइट और नंबर से उन्होंने बुकिंग की थी, वह पूरी तरह से नकली थी। उनके 93,600 रुपये ठगों की जेब में जा चुके थे।
सोशल मीडिया पर साझा की आपबीती
श्रेया ने इंस्टाग्राम पर अपनी इस भयावह कहानी को शेयर किया और लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी। उन्होंने लिखा- "पहली नजर में वेबसाइट असली लगती है, लेकिन यह एक फर्जी होटल लिस्टिंग थी। स्कैमर्स अभी भी लोगों को ठग रहे हैं। कृपया इस बारे में जागरूकता फैलाएं, खासकर टूरिस्ट सीजन में!"
उन्होंने इंस्टाग्राम पर बताया, "जब पहली बार सर्च करने पर आपको फर्जी वेबपेज और मेफेयर हेरिटेज पुरी के डिटेल मिलते हैं, तो यह समझना मुश्किल है कि यह फर्जी मेफेयर है या नहीं। धोखेबाज अभी भी लोगों को ठग रहे हैं, नंबर अभी भी सक्रिय है और उनके पास कई बैंक खाते हैं। कृपया इसे आगे शेयर करें,क्योंकि कई लोग छुट्टियों के मौसम में इन्हें बुक करते हैं।"
'ठीक है, पैसा चला गया है...'
कंटेंट क्रिएटर श्रेया मित्रा ने आगे बताया, "ठीक है, पैसा चला गया है। पुलिस उन्हें पकड़ने की कोशिश करेगी, लेकिन एक बार पैसा भुनाने के बाद उसके वापस मिलने की संभावना कम या नहीं के बराबर होती है। सबसे अच्छी बात यह है कि रैकेट पकड़ा गया है। जहां तक मेरा सवाल है, मैं ठीक हूं। मैंने स्वीकार कर लिया है कि मेरे साथ ऐसा हुआ है।
उन्होंने कहा, "मेरे जीवन में बहुत कुछ ऐसा है जिसके लिए मैं आभारी हूं और धोखा दिए जाने के भयानक एहसास से निपटने के लिए मैं उन पर भरोसा करती हूं।" उनकी शिकायत के बाद साइबर अपराध विभाग ने फर्जी गूगल लिस्टिंग को हटा दिया है।
मित्रा की कहानी ने कई यूजर्स से सहानुभूति और एकजुटता की लहर पैदा की, जिन्होंने सांत्वना और समर्थन के शब्द कहे। इस बीच कुछ अन्य लोगों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के खतरनाक प्रचलन को उजागर करते हुए अपने साथ हुई ठगी के अनुभव भी साझा किए।
आप रहे सावधान! धोखाधड़ी से बचने के टिप्स
- कभी भी किसी अनजान नंबर पर पैसे न भेजें।
- होटल की ऑफिशियल वेबसाइट और ईमेल आईडी से बुकिंग करें।
- छोटे अमाउंट से पहले ट्रांजैक्शन टेस्ट करें।
- अगर शक हो, तो तुरंत बैंक और साइबर क्राइम सेल से संपर्क करें।
श्रेया के पैसे तो शायद वापस ना मिलें, लेकिन उनकी सतर्कता से अब कई लोग इस तरह के ठगी से बच सकते हैं।












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