श्री श्री रविशंकर को कोर्ट ने भेजा अवमानना का नोटिस
श्री श्री रविशंकर के खिलाफ एनजीटी ने अवमानना का नोटिस जारी किया, दिल्ली सरकार को भी जारी किया गया नोटिस।
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने श्री श्री रविशंकर की संस्था ऑर्ट ऑफ लिविंग और दिल्ली विकास प्राधिकरण के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया है। अवमानना का यह नोटिस उस वक्त जारी किया गया जब श्री श्री के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी जिसमे उन्होंने केंद्र सरकार और ग्रीन पैनल को यमुना किनारे हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

श्री श्री के खिलाफ एक्टिविस्ट मनोज मिश्रा ने याचिका दायर की थी, इस याचिकार में यह आरोप लगाया है कि आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक ने जो बयान दिया है वह स्वतंत्र जांच और न्याय में बाधा उत्पन्न करेगा। एनजीटी के चेयरमैन जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने इस याचिका की सुनवाई करते हुए श्री श्री के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया। इस याचिका में दिल्ली सरकार को भी वादी बनाया गया है लिहाजा उसके खिलाफ भी एनजीटी ने नोटिस जारी किया है।
एक एक्पर्ट पैनल ने एनजीटी को बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग के यमुना किनारे कराए गए कार्यक्रम की वजह से यहां के पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचा है। पैनल ने दावा किया है कि इसे फिर से पहले जैसी स्थिति में लाने के लिए 42 करोड़ रुपए की आवश्यकता पड़ेगी। इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद श्री श्री रविशंकर ने एनजीटी और सरकार को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि उन्होंने हमें इसकी इजाजत दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि आर्ट ऑफ लिविंग संस्था ने सभी जरूरी इजाजत ली थी जिसमें एनजीटी भी शामिल है, लिहाज अगर कोई दिक्कत थी तो एनजीटी उन्हें कार्यक्रम के शुरुआत में ही रोक सकता था अगर नदी पवित्र और साफ थी।












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