मोदी को फिर से पीएम बनाने की राह में '144 का रोड़ा', अमित शाह ने नड्डा के साथ मिलकर की माथापच्ची
नई दिल्ली, 6 सितंबर: भारतीय जनता पार्टी के विरोधी उसपर चुनावी मशीन होने का आरोप लगाते हैं। दरअसल, इसकी वजह ये है कि भाजपा के मौजूदा नेतृत्व के समय में पार्टी हमेशा चुनावी मोड में रहती है। इसके केंद्रीय नेतृत्व ना तो खुद कभी निश्चिंत बैठता है और ना ही पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को खाली बैठने देता है। बीजेपी को इसका जबर्दस्त फायदा भी मिला है। यही वजह है कि अभी वह उन 144 लोकसभा सीटों के लिए विशेष रणनीति तैयार कर रही है, जिसे शायद वह खुद के लिए सबसे कमजोर मानकर चलती है। पार्टी ने पहले ही इस कमजोरी का पता लगाने का जिम्मा मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्रालय संभाल रहे भारी-भरकम मंत्रियों को दे दिया था, जिनकी रिपोर्ट आ चुकी है और अब उसपर चर्चा होनी है और ऐसी सीटों पर जीत तय करने की रणनीति तैयार करनी है। चुनाव 2024 में है, लेकिन पार्टी का मास्टर प्लान अभी से तैयार हो रहा है।

भाजपा संगठन की महत्वपूर्ण बैठक
मंगलवार शाम को भारतीय जनता पार्टी की एक बड़ी बैठक हो रही है। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में पार्टी संगठन और सरकार के बड़े नेता पहुंच रहे हैं। इनमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन महासचिव बीएल संतोष, संयुक्त सचिव-संगठन वी सतीश के अलावा संबंधित लोकसभा क्षेत्रों से जुड़े क्लस्टर इंचार्ज भी शामिल हो रहे हैं। लोकसभा की 144 सीटों को अलग-अलग क्लस्टर में विभाजित किया गया है और प्रत्येक क्लस्टर की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री को दी गई है।

144 'कमजोर' सीटें जीतने का मिशन
जानकारी के मुताबिक भाजपा लोकसभा की जिन 144 सीटों पर अभी से फोकस कर रही है, उसे पार्टी अपने लिए अभी 'कमजोर' मानती है। इन्हें अलग-अलग क्लस्टरों में बांटकर हर क्लस्टर की एक जिम्मेदारी 14-15 प्रमुख मंत्रियों को पहले ही दी गई थी। इन मंत्रियों में स्मृति ईरानी, धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल, भूपेंद्र यादव, अनुराग ठाकुर, नरेंद्र सिंह तोमर, संजीव बालियान और महेंद्र पांडें जैसे नेता शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक यह मीटिंग उन संबंधित 144 लोकसभा सीटों पर इनकी रिपोर्ट को देखने के लिए बुलाई गई है। ये नेता अपने लोकसभा प्रवास योजना और जमीनी स्थिति के बारे में अपनी जानकारी साझा करेंगे। इस बैठक में यह भी चर्चा होगी कि पार्टी यहां क्या कदम उठाए, जिससे 2024 में इन सीटों पर जीत सुनिश्चित की जा सके।

मंत्रियों ने इन क्षेत्रों में रहकर तैयार की है रिपोर्ट
इन मंत्रियों को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 31 अगस्त की ही डेडलाइन दी गई थी, जिसपर आज पार्टी में बड़े फोरम पर चर्चा की जाएगी। पहले इन सीटों का दौरा गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया था और उसके बाद वहां बीजेपी की कमजोरियों को पहचान कर जीत सुनिश्चित करने के लिए जरूरी उपाय सुझाने की बात की गई थी। ये सारे 144 लोकसभा सीटें ऐसी है, जहां पार्टी या तो जीत नहीं पाती है या कम वोटों के अंतर से हारी है। इसी के लिए मंत्रियों से कहा गया था कि वह दो या तीन लोकसभा क्षेत्रों में जाकर ठहरें और ऐसे उपायों पर सुझाव दें, जिससे यहां पार्टी की जीत सुनिश्चित की जा सके।

भाजपा तैयार करेगी आगे का मास्टर प्लान
सभी क्लस्टर इंचार्ज नेताओं ने उन सभी लोकसभा क्षेत्रों का दौरा किया है, जिसकी जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। उन्होंने उन उपायों की भी पहचान की है, जिससे इन सीटों पर पार्टी की सेहत सुधारी जा सकती है। बैठक में इन मंत्रियों की रिपोर्ट से शाह, नड्डा और संतोष इन चुनाव क्षेत्र की जमीनी हालातों से वाकिक होंगे और यहां पर बीजेपी की जीत सुनिश्चित करने के लिए आगे की रणनीति बनाने पर चर्चा करेंगे। (ऊपर की तस्वीरें फाइल और इनपुट एएनआई)

बीएमसी चुनाव के लिए भी जुट गई भाजपा
भाजपा सिर्फ लोकसभा चुनावों के लिए ही अभी से रणनीतियां नहीं तैयार कर रही है। वह मुंबई में बीएमसी चुनाव के लिए भी कमर कस चुकी है और बड़ी बात है कि इसकी योजना बनाने में भी खुद गृहमंत्री अमित शाह ही अपने स्तर पर सक्रिय हो चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक शाह ने महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के साथ मिलकर बीएमसी की 150 सीटों पर चुनाव जीतने का लक्ष्य तय किया है। सोमवार को पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों से शाह ने मुंबई में कहा कि बीएमसी चुनावों में उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना की हार सुनिश्चित करें, क्योंकि 'विश्वासघातियों' को सजा मिलनी ही चाहिए। गौरतलब है कि देश के सबसे अमीर नगर निगम पर करीब दो दशकों से शिवसेना का कब्जा है












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