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रमन राज में कांग्रेस जिसे कहती थी 'बदनाम', भूपेश सरकार ने उस IPS कल्लूरी को दिया बड़ा 'ईनाम'

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रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने बुधवार देर रात पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल करते हुए दो रेंज के आईजी बदल दिए। रमन सरकार में बस्‍तर के आईजी रहे एसआरपी कल्‍लूरी को मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल बड़ी जिम्‍मेदारी सौंपी है। कल्‍लूरी को एंटी करप्शन ब्यूरो और इकनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) जैसे महत्वपूर्ण विभाग का आईजी बनाया गया है। कल्‍लूरी वही पुलिस अधिकारी हैं, जिन पर विपक्ष में रहते हुए भूपेश बघेल और कांग्रेस ने कई आरोप लगाए थे। यहां तक कि भूपेश बघेल ने कल्‍लूरी को बर्खास्‍त करने तक की मांग कर डाली थी।

रमन सरकार ने भेजा था फोर्स लीव पर, भूपेश बघेल ने की थी बर्खास्‍तगी की मांग

रमन सरकार ने भेजा था फोर्स लीव पर, भूपेश बघेल ने की थी बर्खास्‍तगी की मांग

रमन सिंह की सरकार में बस्‍तर के आईजी पद रहते हुए कल्‍लूरी पर कई गंभीर आरोप लगे थे। उन पर पत्रकारों को धमकी देने से लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ता और शोधकर्ता बेला भाटिया पर हमला कराने तक के संगीन आरोप लगे। बेला भाटिया पर हमले के बाद फरवरी 2017 में कल्‍लूरी का माओवादी प्रभावित बस्‍तर से तबादला कर दिया गया था और बाद में कल्‍लूरी को फोर्स लीव पर भेज दिया गया था और अब गुरुवार को उन्‍होंने ड्यूटी ज्‍वॉइन की है। जिस वक्‍त रमन सरकार ने कल्‍लूरी को फोर्स लीव पर भेजा था, उस वक्‍त भूपेश बघेल कांग्रेस अध्‍यक्ष थे और उन्‍होंने कहा था कि कल्‍लूरी को सिर्फ फोर्स लीव पर भेजना पर्याप्‍त नहीं है, क्‍योंकि उन्‍होंने सर्विस रूल्‍स को तोड़ा है। भूपेश बघेल ने उस वक्‍त कल्‍लूरी को बर्खास्‍त करने की मांग कर डाली थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि सरकार में आने के बाद ऐसा क्‍या हो गया कि कल्‍लूरी को भूपेश बघेल ने इतनी जिम्‍मेदारी सौंप दी।

 रमन सरकार के समय कल्‍लूरी को भेजे गए थे तीन नोटिस

रमन सरकार के समय कल्‍लूरी को भेजे गए थे तीन नोटिस

मार्च 2017 में तत्‍कालीन रमन सरकार ने आईपीएस कल्लूरी को एक ही दिन के भीतर तीन नोटिस थमा दिए थे। ये सभी नोटिस छत्तीसगढ़ के डीजीपी एएन उपाध्याय की ओर से भेजे गए थे। पहले नोटिस में सोशल मीडिया पर की गई टिप्‍पणियों के बारे में कल्‍लूरी से जवाब तलब किया गया। कल्लूरी के एक ट्वीट को टीवी चैनलों ने जमकर प्रसारित किया था, जिससे रमन सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी। दूसरे नोटिस में पुलिस महानिदेशक ने कल्लूरी से कहा है कि वह उनसे अनुमति लेकर ही रायपुर मुख्यालय से बाहर जाएं। तीसरे नोटिस में कल्लूरी को जगदलपुर में टाटा कंपनी के कार्यक्रम में बतौर अतिथि शामिल होने पर सवाल किया गया था।

 उच्‍च अधिकारियों की कम सुनते हैं कल्‍लूरी, सीधे नेताओं से करते हैं बात

उच्‍च अधिकारियों की कम सुनते हैं कल्‍लूरी, सीधे नेताओं से करते हैं बात

विवादों से अलग बस्‍तर आईजी के तौर पर कई सकारात्‍मक कार्यों की वजह से भी कल्‍लूरी का नाम काफी चर्चा में रहा। बस्तर रेंज में आईजी कल्लूरी ने कई नक्सल विरोधी अभियान चलाए। उनके कार्यकाल में कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। कल्लूरी के बारे में बताया जाता है कि वह कई अभियानों में खुद सक्रिय रहे। नक्सल विरोधी अभियानों में वह न केवल शामिल हुएए बल्कि रात-रात भर पैदल भी चले। मीडिया में कई बार ऐसी रिपोर्ट सामने आईं, जिनमें कहा गया कि कल्‍लूरी अपने उच्च अधिकारियों की कम ही सुनते हैं और सीधे नेताओं से ही बात करते हैं।

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English summary
Congress, which wanted former Bastar IGP Kalluri dismissed, now gives him plum postings
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