'हम अडानी के हैं कौन', कांग्रेस ने दागे केंद्र पर 3 सवाल; कहा- सरकार छिप नहीं सकती
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से तीन सवाल पूछे हैं। कांग्रेस ने पूछा कि अडानी समूह कभी भी जांच एजेंसियों के रडार पर क्यों नहीं आया? जबकि उनके भाई विनोद अडानी का नाम पनामा और पेंडोरा पेपर्स में था।

Congress targets BJP Government over Adani Group Issue: भारत और दुनिया के जाने-माने उद्योगपति गौतम अडानी इन दिनों मुश्किलों से घिरे हुए हैं। अमेरिका की फाइनेशियल रिसर्च हिंडनबर्ग की स्टडी रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। दूसरी तरफ विपक्षी दल भी संसद से लेकर मीडिया तक केंद्र सरकार को घेरने में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में एक बार फिर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की मोदी सरकार से तीन सवाल पूछे हैं। कांग्रेस ने पूछा कि अडानी समूह कभी भी जांच एजेंसियों के रडार पर क्यों नहीं आया? जबकि उनके भाई विनोद अडानी का नाम पनामा पेपर्स और पेंडोरा पेपर्स में था।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि अडानी समूह पर लगे गंभीर आरोपों के बीच मोदी सरकार ने चुप्पी साध रखी है जिससे किसी सांठ-गांठ का साफ इशारा मिल रहा है। प्रधानमंत्री ये कहकर बच नहीं सकते कि 'हम अडानी के हैं कौन'। आज से इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी PM से प्रतिदिन तीन प्रश्न पूछेगी।
कांग्रेस ने पूछे केंद्र से 3 सवाल
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अडानी समूह पर लगे धोखाधड़ी के आरोपों पर मोदी सरकार खामोश है, जो इस मामले में सरकार की मिलीभगत की ओर एक इशारा है।
- सवाल 1: गौतम अडानी के भाई विनोद अडानी का नाम पनामा और पेंडोरा पेपर्स में बहामास और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में ऑफशोर कंपनियों को चलाने वालों में शामिल था। उन पर 'ऑफशोर शेल कंपनियों' के जरिए 'स्टॉक हेरफेर' और 'धोखाधड़ी' में शामिल होने का भी आरोप है।
- सवाल 2: BJP ने सालों से विरोधियों को डराने व कई व्यापारिक घरानों को दंडित करने के लिए एजेंसियों (ED, CBI & DRI) का दुरुपयोग किया है। ऐसे में अडानी ग्रुप पर लगे गंभीर आरोपों की जांच के लिए क्या कार्रवाई हुई? क्या मौजूदा नेतृत्व में निष्पक्ष जांच की कोई उम्मीद है?
- सवाल 3: यह कैसे मुमकिन है कि अडानी समूह गंभीर आरोपों के बावजूद जांच से बचा हुआ है? क्या अडानी समूह उस व्यवस्था के लिए जरूरी था जिसे आपके भ्रष्टाचार विरोधी बयानों से फायदा मिला है?
कांग्रेस अब इस मुद्दे पर रोजाना केंद्र सरकार से सवाल पूछेगी। पिछले कुछ दिनों से संसद सत्र हंगामे का गवाह बना क्योंकि कांग्रेस ने अदालत की निगरानी में जांच या संयुक्त संसदीय समिति की जांच की मांग की है।
अडानी को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस ने रविवार को पूछा कि किसी भी केंद्रीय एजेंसी ने अभी तक अडानी समूह के खिलाफ आरोपों की जांच क्यों नहीं की है, जबकि गौतम अदन के भाई विनोद अडानी का नाम पनामा पेपर्स और पेंडोरा पेपर्स में विदेश में संचालन करने वाले व्यक्ति के रूप में था।












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