कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी, पढ़कर नहीं सुनाये मुख्य बिंदु

देश की जनता टीवी पर आंखें लगायी बैठी थी कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में उसके लिये क्या है, लेकिन सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मनमोहन सिंह के संबोधन के बाद पत्रकारों को लंच के लिये आमंत्रित किया गया। हालांकि सवाल जवाब हुए, पर मेनिफेस्टो के मुख्य बिंदु नहीं बताये।
प्रश्न मनमोहन सिंह से- भाजपा ने आपको कमजोर प्रधानमंत्री कहा, आप उस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
मनमोहन- मुझे पता है कि भाजपा ने जनता के सामने बार-बार यह जताने की कोशिश की कि मैं कमजोर पीएम हूं, लेकिन मैं नहीं मेरा काम बोला। और हम अपना काम जारी रखेंगे।
प्रश्न सोनिया से- ओपिनियन पोल में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्या आप वाराणसी सीट पर चैलेंज करने जा रही हैं?
सोनिया- हमने अभी वाराणसी से कैंडिडेट घोषित नहीं किया है, लेकिन निश्चित तौर पर मजबूत कैंडिडेट ही होगा। ओपिनियन पोल पर मुझे विश्वास नहीं आप 2004, 2009 में विपरीत परिणाम देख चुके हैं। इस प्रकार के सर्वे पर मुझे विश्वास नहीं है, मुझे खुद पर पार्टी पर विश्वास है।
सोनिया गांधी ने कहा- बुजुर्गों, विध्वाओं, विकलांग भाई बहनों को विस्तृत पेंशन दी जायेगी। इससे हले सोनिया गांधी ने कहा- राहुल जी ने लोगों के सुझावों को मेनिफेस्टों में शामिल किया है। सभी सुझाव शामिल नहीं किय जा सके हैं। लेकिन उन्हें सहेज कर रख लिया है, जो अलग से प्रकाशित करेंगे। हमने लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप देश की सेवा करने का काम किया है। मनमोहन सिंह के नेतृत्व में देश में जबर्दस्त आर्थिक विकास हुआ है। इस दौरान समाज के सभी वर्गों को लाभ मिला। हम अपने इन नये वादों के साथ आर्थिक विकास दर को फिर से ऊपर लेकर आयेंगे।
प्रश्न राहुल गांधी- आप नरेंद्र मोदी के बारे में क्या कहना चाहेंगे, हर तरफ उनका नाम लिया जा रहा है।
राहुल- 2009 में इसी जगह पर सवाल उठा था, कि कांग्रेस पार्टी की पिटाई होने वाली है। आपने कहा था कि यूपी में कांग्रेस को पांच सीटें मिलेंगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस की परफॉरमेंस यूपी से बेहतरीन होने वाली है। मोदी जी की बात की है, तो मैं उस पर दो शब्द कहूंगा। मोदी जी एक इंडीविजुअल हैं, वो एक विचारधारा को रिप्रेजेंट करते हैं। वो विचारधारा चुने हुए लोगों की राजनीति की विचारधारा है, लोगों को एक दूसरे को लड़ाने की विचारधारा है। वो विचारधारा हिन्दुस्तान को नुकसान पहुंचाने की विचारधारा है। कांग्रेस इस विचारधारा को हराकर दिखायेगी।
प्रश्न राहुल/सोनिया से- एक समस्या दिखी कि आप भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग की बात करते हैं और अशोक चव्हाण को टिकट देते हैं।
सोनिया- अशोक चव्हाण को टिकट देने का निर्णय सीईसी ने लिया है। उन पर चुनाव आयोग या किसी कानून ने चुनाव लड़ने पर किसी ने प्रितबंध नहीं लगाया है।
प्रश्न राहुल से- मनमोहन कहते हैं कि मोदी देश के लिये घातक हैं, आप क्या इस बात से सरोकार रखते हैं?
राहुल- हां मैं प्रधानमंत्री जी की बात से पूरी तरह सहमत हूं।
प्रश्न सोनिया से- आपके 2009 के कितने वाले पूरे हुए कितने नहीं, इसके जवाब जनता चाहती है।
सोनिया- करीब-करीब सारे वादे हमने पूरे किये हैं।
प्रश्न- 100 दिन में महंगाई कम करने की बात कही गई थी, लेकिन क्या हुआ?
मनमोहन- बाजार की डिमांड के अनुसार जरूरी सामान की कीमतें तय होती हैं, कई बार ऐसी परिस्थियां बन जाती हैं।
हम इस चुनाव में एक ऐसे भारत के लिये संघर्ष करेंगे, जिसमें यह महत्वपूर्ण नहीं है, कि हमारा धर्म क्या है, हमारी भाषा कौन सी है, हम किस क्षेत्र से हैं, हम किस जाति के हैं, हम कहां पैदा हुए हैं। हम सेक्युलर हैं और हमारे लिये यह महत्वपूर्ण है कि हम सिर्फ भारतवासी हैं। उस भारत को बनायेंगे, जो सबका होगा किसी एक व्यक्ति का नहीं।
भले ही दूसरी पार्टियों के लिये घोषणा पत्र एक रसम हो, लेकिन हमारे लिये एक पवित्र दस्तावेज है। सिद्धांत जबान से बोलने के लिये या दूसरों को दिखाने के लिये नहीं होते। सिद्धांत अपने जीवन में अपनाने के लिये होते हैं। यही हमारा संकल्प है कि इस परंपरा का पालन करेंगे।
राहुल गांधी ने कहा- मुझे गर्व है कि 90 प्रतिशत लोगों के सुझाव शामिल किये गये हैं। हमने आर्थकि क्षेत्र, सामाजिक क्षेत्र और गरीबों को ध्यान में रखते हुए घोषणा पत्र तैयार किया है। आपके साथ बहुत लंबी बातचीत हुई। दिल्ली के रेलवे स्टेशन पर कुलियों ने, महिलाओं ने आदिवासियों के सुझाव मिले, गरीबी रेखा से नीचे के 70 करोड़ लोगों ने जो सुझाव दिये हैं, उन्हें हम पूरा करेंगे और गरीब जनता से मैं कहना चाहूंगा कि कांग्रेस पाटी अपके नीचे के फर्श को और मजबूत करेंगे। आपको मिडिल क्लास में लेकर आयेंगे।
घोषणा पत्र जारी करने से पहले एके एंटनी ने कहा कि इस घोषणा पत्र को बनाने में करीब 5 महीने लगे, जिसमें देश भर के लोगों के सुझाव शामिल किये गये हैं। हमने देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर जनता से बात की और उनके साथ इंटरेक्शन किया। कई सारे सुझाव हैं, जो घोषणा पत्र में शामिल करते-करते अब तक का सबसे बड़ा घोषणा पत्र बन गया।
इसके बाद मनमोहन सिंह ने यूपीए-1 और यूपीए-2 की परफॉरमेंस पर फोकस किया और जनता के सामने रखा।
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