500-2000 रुपए के नए नोट को कांग्रेस ने बताया अबूझ पहेली
पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार के नए नोट की शुरुआत किए जाने पर उठाए सवाल, बोले यह ऐसे पहेली है जिसे सरकार खुद ही सुलझा सकती है।
नई दिल्ली। पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 500 और 1000 रुपए के नोट को प्रतिबंधित किए जाने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अगर यह काले धन को रोकने के लिए है तो हम इसका समर्थन करते हैं।

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क्यों शुरु हो रहा है 2000 का नया नोट?
चिदंबरम ने कहा कि 500 रुपए के नए नोट पुराने नोट को बदलने के लिए किया गया, लेकिन 2000 रुपए के नोट को क्यों शुरु किया जा रहा है, यह एक पहेली है जिसे सरकार खुद समझाए तो बेहतर होगा।
40 साल पहले के मोरारजी देसाई के फैसले को याद करते हुए चिदंबरम ने कहा कि उस वक्त भी 500 के नोट वापस लिए गए थे, लेकिन अब यह समझना होगा कि क्या 500 रुपए के नोट बड़े मूल्य के नोट हैं या नहीं।
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पुराने नोट जल्दी बदलने चाहिए
पुराने नोट को नए नोट को जल्द से जल्द बदलने की भी चिंदबरम ने वकालत करते हुए कहा कि पुराने नोटों को नए नोटों से बदलने में जितनी तेजी होगी वह गरीबों, किसानों, छात्रों, महिलाओं को काफी सहूलियत होगी।
86 फीसदी कीमत है पुराने नोट की
नए नोट के आने से बाजार में आने 20 हजार करोड़ रुपए आएंगे, ऐसे में आर्थिक विकास भी इसके बराबर हो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। चिदंबरम ने कहा कि 500 और 1000 रुपए के जो नोट वापस लिए जाएंगे वह 86 फीसदी राशि है, ऐसे में यह सब वापस लिए जाएंगे यह बात ध्यान रखनी चाहिए।
क्यों बदले जा रहे हैं 500 के नोट
चिदंबरम ने 500 रुपए के पुराने नोट को नए नोट से बदले जाने पर भी सवाल उठाया है, उन्होंने कहा कि अगर पुराने नोट को नए नोट से बदला जाएगा तो इससे क्या लाभ होगा यह सोचने वाली बात है।












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